बदोसराय और आसपास के इलाके में शनिवार दोपहर को अचानक आए भीषण आंधी-तूफान की चपेट में आकर एक महिला की मौत हो गई। जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। जिन्हें परिवारीजनों ने सीएचसी में भर्ती कराया है।
वहीं ओले गिरने से मेंथा की फसल को खासा नुकसान हुआ है। इसके अलावा दर्जनों पेड़ व बिजली के खंभे टूट कर सड़क पर गिर गए जिसके चलते जहां आवागमन बाधित हो गया है वहीं विद्युत आपूर्ति भी पूरी तरह से ठप हो गई है। खास बात यह रही कि आंधी- तूफान केवल बदोसराय और आसपास के इलाकों में ही आया। बाकी जिले में मौसम शुष्क रहा। हालांकि दोपहर बाद बादल जरूर रहे।
शनिवार की दोपहर आई भीषण आंधी और तूफान की चपेट में आकर लोगों के घरों पर रखे छप्पर उड़कर सड़कों पर जा गिरे। वहीं दरिगापुर निवासी मीरा देवी (48) पत्नी श्रीराम बदोसराय जा रही थी। रास्ते में आए तूफान से उसके ऊपर बिजली का पोल गिर गया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
वहीं बदोसराय निवासी दस वर्षीय शाशि देवी पुत्री राम विलास के उपर पेड़ की डाल गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गई। जबकि खोर एतमादपुर में शोभा देवी पर टिन आकर गिरी जिससे गर्दन का पिछला हिस्सा कट गया। दोनों को गंभीर हालत में सीएचसी सिरौलीगौसपुर में भर्ती कराया गया है।
इसके अलावा बदोसराय निवासी खलील अहमद अपने परिवार के साथ बाराबंकी जा रहे थे। रास्ते में एक होटल पर चाय-नाश्ते के लिए रुके थे। इसी बीच आंधी पानी आ गया। आंधी इतनी तेज थी की पेड़ उखड़ कर इनके चार पहिया वाहन पर जा गिरा। जिससे इनका वाहन बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया।
गनीमत इस बात की है कि जिस समय पेड़ वाहन पर गिरा उस समय इनका परिवार होटल में नाश्ता कर रहा था। जिससे सभी बच गए। इसी प्रकार विद्युत विभाग में फ्रेंचाइजी का चपरासी राम विलास किसी कार्य से शहर गया था जहां तूफान आने से एक छप्पर के नीचे सर छुपाये हुए था। तेज हवा के झोकों से छप्पर उसके ऊपर गिर गया जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
वहीं बदोसराय उधौली व बदोसराय सफदरगंज मार्ग पर बिजली के खंभे व पेड़ गिरने से मार्ग बंद रहा। जगह-जगह पर बिजली के तार देर शाम तक पडे़ रहे। जिसके चलते क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई है। तेज आंधी के बाद गिरे ओलोें से फसलों को भी नुकसान हुआ है।
बदोसराय और टिकैतनगर के कुछ इलाकों में लगी मेंथा की फसल सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है। बदोसराय के रहने वाले रामचंदर ने बताया कि उनकी करीब छह बीघा मेंथा की फसल आधी से ज्यादा खराब हो गई है।