बाराबंकी। भीषण गर्मी और उमस के बीच जिले में बिजली व्यवस्था लड़खड़ाने से जनजीवन प्रभावित हो गया है। शहर के अलावा करीब 300 गांवों के लोग बिजली कटौती से परेशान रहे। सतरिख क्षेत्र के 104 गांवों मेंं शनिवार शाम तक बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी। शहर से लेकर कस्बों और ग्रामीण इलाकों तक लोकल फॉल्ट, उपकरण खराब होने और लाइन की सफाई के नाम पर घंटों बिजली आपूर्ति बाधित रही।
कहीं बिना पूर्व सूचना के कटौती की गई तो कहीं मामूली फॉल्ट ठीक करने में कई घंटे लग गए। इससे हजारों उपभोक्ताओं को दिन और रात दोनों समय परेशानी झेलनी पड़ी। शहर के लखपेड़ाबाग, बेगमगंज, कंपनीबाग, नेहरू नगर, सिविल लाइन, श्रीनगर और कटरा बारादरी समेत कई मोहल्लों में दिनभर बिजली की आवाजाही बनी रही।
बार-बार बिजली आने-जाने से लोगों का दैनिक कामकाज प्रभावित हुआ और उमस से राहत नहीं मिल सकी। फतेहपुर नगर के सराय बाजार क्षेत्र में शुक्रवार देर रात करीब 11 बजे खंभे का तार टूटने से पचघरा, ब्राह्मणी टोला और फैयाजपुर मोहल्लों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। करीब छह हजार की आबादी लगभग तीन घंटे तक अंधेरे में रही।
तब तक लोग उमस भरी रात में जागने को मजबूर रहे। सतरिख क्षेत्र के मोहना बिजली उपकेंद्र से जुड़े 104 गांवों में शनिवार शाम तक बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी। ग्रामीणों का आरोप है कि 18 घंटे आपूर्ति के बजाय बार-बार कटौती के बीच मुश्किल से आठ घंटे ही बिजली मिल रही है।
शनिवार सुबह नौ बजे बिजली गुल हुई, जो दोपहर करीब डेढ़ बजे आई, लेकिन कुछ ही देर बाद फिर आपूर्ति बाधित हो गई। इससे भगवानपुर, जमापुर, शेखना, पूर्व नरौली सहित करीब 70 हजार लोग परेशान रहे। ग्रामीणों ने विभाग के खिलाफ नाराजगी जताई।
वहीं, कोटवाधाम बिजली उपकेंद्र पर 33 हजार केवी लाइन से सटी पेड़ों की टहनियों की छंटाई के लिए शनिवार को सुबह साढ़े दस बजे से दोपहर ढाई बजे तक करीब चार घंटे बिजली आपूर्ति बंद रखी गई। बिना पूर्व सूचना के की गई इस कटौती से करीब 60 गांवों के लोग उमस भरी गर्मी में परेशान रहे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले ऐसे कार्यों की सूचना दी जाती थी, लेकिन इस बार बिना किसी जानकारी के बिजली काट दिए जाने से लोगों को अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ी।