बाराबंकी। सरयू नदी का जल स्तर शुक्रवार को थोड़ा घटा, मगर खतरे के निशान से ऊपर है। बारिश के कारण अगले 24 घंटों में पानी और बढ़ सकता है। वहीं तटवर्ती खेतों की जमीन कट रही है। इससे किसान परेशान हैं। बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण स्थानीय अधिकारियों ने किया और राहत एवं बचाव के निर्देश दिए। एल्गिन ब्रिज पर सुबह 8:00 बजे जलस्तर खतरे के निशान 106.070 मीटर के सापेक्ष 106.12 मीटर रहा।
सिरौलीगौसपुर तहसील के गोबरहा और टेपरा सहित एक दर्जन तटवर्ती गांवों के किसान नदी की कटान से प्रभावित हैं। सनावा और कहरन पुरवा के पास शुक्रवार को कटान और तेज हो गई। खेतों में लगी फसल सहित जमीन कट रही है। गोबरहा और टेपरा गांव के पास बाढ़ का पानी आबादी के निकट पहुंच गया है।
किसान शिव कुमार, रमेश, राम कुमार व जग प्रसाद आदि ने बताया कि नदी में पानी घटने पर कटान तेज होती है। वहीं एसडीएम सिरौलीगौसपुर अनिल कुमार सरोज ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने सनावा बाढ़ चौकी पर ग्रामीणों के साथ बैठक कर बाढ़ से बचाव के संबंध में चर्चा की और उपाय सुझाए।
कहा कि नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने पर घबराने के बजाय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचें। ग्रामीणों को पशुओं की सुरक्षा, जरूरी सामान सुरक्षित रखने तथा आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचना देने की सलाह दी गई।
g सरयू का रौद्र रूप देख सहमे किसान : टिकैतनगर। सरयू नदी का रौद्र रूप देखकर किसान सहमे हैं। खेतों में पानी भरता देख रोपी गई धान की फसल की बर्बादी की आशंका किसानों की चिंता का विषय है। रामसनेहीघाट तहसील के कोठरी गौरिया, अतरसुइया, सेमरी, बांसगांव व पत्रा आदि गांवों के किसानों ने धान की रोपाई कर दी थी।
सेमरी के किसान श्रीकांत ने बताया कि उन्होंने 11 बीघा खेत में धान की रोपाई की है, जिस पर 55 हजार रुपये खर्च हो चुके हैं। नदी में पानी बढ़ा तो फसल बर्बाद हो जाएगी। सूबेदार पुरवा निवासी किसान मनोज ने बताया किवर्ष 2024 में भी उनकी फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई थी। (संवाद)
सरयू नदी का जल स्तर शुक्रवार को थोड़ा घटा, मगर खतरे के निशान से ऊपर है। बारिश के कारण अगले 24 घ
सरयू नदी का जल स्तर शुक्रवार को थोड़ा घटा, मगर खतरे के निशान से ऊपर है। बारिश के कारण अगले 24 घ
सरयू नदी का जल स्तर शुक्रवार को थोड़ा घटा, मगर खतरे के निशान से ऊपर है। बारिश के कारण अगले 24 घ