बाराबंकी। मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग के जरिए जरूरतमंद मेधावियों को तैयारी करने के लिए बेहतर प्लेटफार्म मुहैया कराने का उद्देश्य सफल होता दिखने लगा है। अभ्युदय में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयार करने वाले 10 अभ्यर्थियों ने अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर अपना भविष्य संवारा है। इसके चलते ही अभ्युदय कोचिंग में अभ्यर्थियों की संख्या लगातार बढ़ने लगी है।
आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को बेहतर भविष्य बनाने के लिए आईएएस, आईपीएस, पीसीएस, सीडीएस, नीट व जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में काफी परेशानियां उठाना पड़ती थी। आर्थिक चुनौतियों के साथ उचित मार्गदर्शक व पठन पाठन का सुविधा न मिल पाने के कारण प्रतिभा होने के बावजूद इन प्रतिभागियों को मनचाही सफलता नहीं मिलती थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर ऐसे प्रतिभाशाली मेधावियों की मदद के लिए अभ्युदय कोचिंग की योजना शुरू की गई थी। यहां से तैयारी करने वाले संदीप कुमार, श्रेजल शुक्ला, नितेश मौर्या, अशोक कुमार वर्मा, कमला कांत व अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश पुलिस की सिपाही भर्ती परीक्षा, काजल पटेल ने बिहार में शिक्षक, अल्का ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में क्लर्क, योगेश यादव ने शिक्षक व फॉरेस्ट गार्ड, यशी सिंह ने लेेखपाल व शिक्षक के पद पर सफलता हासिल कर अपना भविष्य संवारा है।
अभ्युदय कोचिंग के समन्वयक सुमित तिवारी ने बताया कि यहां विषयवार विशेषज्ञों द्वारा तैयारियां कराई जाती है। अभ्यर्थियों की दुविधाओं का सक्षम स्तर पर समाधान कराया जाता है।
अभ्युदय कोचिंग में कुल 386 विद्यार्थियों का पंजीकरण है।वर्तमान में राजकीय पुस्तकालय बाराबंकी में यूपीएससी और यूपीएसएसएससी की कक्षाएं संचालित हो रही हैं, जिनमें 60 प्रतिभागी आ रहे हैं। अटल आवासीय विद्यालय सनौली में 60, तीरगांव में 80 बच्चे नीट और जेईई की तैयारी कर रहे हैं। शहर के दयानंदनगर में डीएवी हायर सेकेंड्री स्कूल में यूपीपीसीएस, पीसीएस जे समेत अन्य परीक्षाओं की तैयारी के लिए 60 अभ्यर्थी तैयारी कर रहे हैं।