श्रुतिमान शुक्ल
बाराबंकी। लखनऊ-अयोध्या नेशनल हाईवे पर हादसों में हो रही मौतों को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाया गया है। एआरटीओ-सीओ ट्रैफिक की टीम ने तीन दिन तक हाईवे का सर्वे करने के बाद करीब सात स्थानों पर जानलेवा हालात पाए। यहां ताबड़तोड़ हादसे हो भी रहे हैं। दोनों अधिकारियों की रिपोर्ट पर हाईवे पर कुछ महत्वपूर्ण बदलाव व कार्य होने जा रहे हैं।
शहर के निकट असेनी, दारापुर, लक्षबर बजहा, सफदरगंज चौराहा, दिलोना समेत सात जगहाें पर ऐसे हालात पाए गए हैं जिससे हादसों को रोकना मुश्किल दिख रहा है। हाईवे पर दिलोना गांव के पास बने कट से लोग भिटरिया व रामसनेहीघाट जाते हैं। इस जगह पर क्रॉसिंग के समय अक्सर हादसे हो रहे हैं। सर्वे रिपोर्ट में तर्क देते हुए दिलोना कट को बंद करने का प्रस्ताव दिया गया है। इसी प्रकार सफदरगंज में दो प्रमुख सड़कें हाईवे को क्रॉस करती हैं। इस चौराहे पर दिन रात वाहन क्रॉस करते हैं। कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। सफदरगंज में कई मीटर बने डिवाइडर के कट को कम करने का प्रस्ताव है।
दारापुर, असेनी, कोटवासड़क के पास हाईवे पर रात में अंधेरा रहने के कारण भी हादसे हो रहे हैं। इसलिए इन सभी जगहों पर हाईमास्ट लाइटें लगाई जाएंगी। हाईवे पर जहां भी सड़कें आकर मिलती हैं, वहां स्पीड ब्रेकर बनेंगे। रिफ्लेक्टर व संकेतक लगाए जाएंगे। हाईवे के किनारे तक आने वाली झाड़ियां काटी जाएंगी। सीओ ट्रैफिक सुमित कुमार त्रिपाठी ने बताया कि करीब सात स्थानों पर काम कराए जाएंगे। वहीं, एआरटीओ प्रशासन अंकिता शुक्ला ने बताया कि सुधार कार्यों को लेकर निगरानी की जा रही है।
एनएचएआई को पत्र, जल्द शुरू होंगे काम
नेशनल हाईवे पर यातायात को सुगम करने व हादसे रोकने को लेकर सर्वे कराया गया। इसके लिए एनएचएआई को पत्र लिखकर सुधार कार्य जल्द शुरू करने को कहा गया है। इसके साथ ही जल्द ही चिह्नित स्थानों पर लाइटें लग जाएंगी। पेट्रालिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। -सत्येेंद्र कुमार, डीएम
24 घंटे में 30 हजार वाहन, सिक्स लेन बनाने की थी योजना
लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर 24 घंटे में 30 हजार से अधिक वाहनों का आवागमन होता है। इस हाईवे पर इतना दबाव है कि एनएचएआई ने एक साल पहले ही इसे सिक्स लेन का करने का प्लान बनाया था। इस बीच अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान करीब 300 करोड़ से हाईवे को सुधारने की कवायद शुरू हुई।
लखनऊ-अयोध्या हाईवे स्थित रामसनेहीघाट के दिलोना मोड़ पर इस कट को बंद करने का दिया गया प्रस्ताव।