बाराबंकी। किसान बिना सत्यापन और फार्मर रजिस्ट्री के अपना गेहूं बेच सकेंगे। गेहूं की कम आवक को देखते हुए शासन ने अपने पूर्व में जारी आदेश को अग्रिम आदेश तक रोक दिया है। इससे गेहूं की आवक में सुधार हुआ है। उधर जिलाधिकारी के आदेश पर गल्ला व्यापारियों की हुई जांच का भी असर गेहूं खरीद पर दिखा है।
प्रशासन के तमाम प्रयासों के बाद गेहूं की खरीद को रफ्तार नहीं मिल पा रही है। वहीं शासन से सत्यापन और फार्मर रजिस्ट्री वाले किसानों से ही गेहूं की खरीद को अनिवार्य किए जाने के बाद गेहूं की खरीद की रफ्तार और धीमी हो गई। यही वजह है कि अभी तक महज 11 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा सकी है।
गेहूं खरीद की धीमी रफ्तार को जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने गंभीरता से लेते हुए सभी एसडीएम को गल्ला व्यापारियों की जांच के आदेश दिए। इसका असर ये रहा कि बाजार भाव नीचे गिरा और गेहूं की आवक बढ़ी।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी राजीव कुलश्रेष्ठ ने बताया कि शासन सत्यापन और फार्मर रजिस्ट्री के आदेश को अग्रिम आदेशों तक रोक दिया है। इससे गेहूं खरीद की रफ्तार में कुछ सुधार हुआ है।