बाराबंकी। पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी से जुड़े बाराबंकी के दनियाल अशरफ व उसके कुशीनगर के कृष्णा मिश्रा को आखिरकार पाकिस्तान से कौन से टास्क मिले थे, जल्द ही इसका खुलासा होगा। गहन पूछताछ की तैयारी में जुटी एटीएस इसके लिए सोमवार को अदालत में कस्टडी रिमांड की अर्जी दाखिल करेगी। पाकिस्तानी गैंगस्टर किस तरह भारतीय युवकों को सोशल मीडिया के माध्यम से अपने नेटवर्क में जोड़ रहे हैं। गांव के युवक तक कैसे पाकिस्तान का नेटवर्क पहुंचा यह भी जानना बाकी है।
पांच मई की रात एटीएस टीम ने बदोसराय के किंतूर गांव में छापा मारकर दनियाल अशरफ को गिरफ्तार किया था। जांच में यह भी पता चला है कि दनियाल ने हाल ही में पासपोर्ट बनवाया था। वह घटना से पांच दिन पहले ही मुंबई से वापस लौटा था। मुंबई में उसके बहनोई रहते हैं, जिनकी भूमिका भी एटीएस को संदिग्ध लग रही है और उनकी गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।
एटीएस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी से जुड़े सोशल मीडिया ग्रुपों में दनियाल अशरफ और कृष्णा नामक युवक सक्रिय थे। दोनों के बीच फोटो, वीडियो और संदेशों का आदान-प्रदान होता था। जांच एजेंसियों को यह भी इनपुट मिला है कि पाकिस्तान स्थित गैंगस्टर भारत में अलग-अलग ग्रुप बनाकर युवकों को अपने प्रभाव में लेने और उन्हें विशेष टाॅस्क देने की कोशिश कर रहे हैं।
एटीएस अब यह जानने में जुटी है कि दनियाल और उसके साथियों को कौन-कौन से टाॅस्क दिए गए थे, उनका उद्देश्य क्या था और उनके संपर्क किन लोगों से थे। वहीं बाराबंकी पुलिस भी इसे लेकर सघन जांच में जुटी है। रामनगर की सीओ गरिमा पंत ने बताया कि दनियाल का मुंबई में रहने वाला बहनोई भी शक के घेरे में है।