रामसनेहीघाट तहसील क्षेत्र अंतर्गत आने वाले किसानों की धान की सरकारी तौल होने की अंतिम उम्मीद भी भिटरिया क्रय केन्द्र बंद होने के बाद समाप्त हो गयी है। तहसील क्षेत्र के सभी क्रय केंद्र बंद हो जाने से किसान अपने को ठगा सा महसूस करने लगा है। किसानों के धान की सरकारी तौल करने के लिए आधा दर्जन क्रय केंद्र खोले गए थे। सहकारी क्रय केंद्र तो शुरू से ही तौल करने से कतराते रहे और मात्र औपचारिकता पूरी करके तौल बंद कर दी। अब इस हालात में किसान फिर बिचौलियों को धान बेचने को मजबूर होना पड़ेगा।
तहसील में विपणन विभाग का भिटरिया केंद्र एक मात्र ऐसा था जो शुरू से धान की खरीद कर रहा था। यहां पर सात हजार क्विंटल के करीब तौल हो चुकी है। तौला गया धान खुले आसमान तले रखा उठान की राह देख रहा है। तहसील क्षेत्र के अन्य खरीद केंद्र बंद हो जाने के बाद भिटरिया क्रय केंद्र ही किसानों का आखिरी सहारा था। यहां पर 18 फरवरी तक किसानों को टोकन जारी किए गए हैं। किसान तय तिथि पर धान लेकर आते थे और आराम से तौल कराकर चले जाते थे। अभी यहां पर करीब दो सौ किसानों के धान की तौल होनी बाकी है। जब तक केंद्र पर बोरा लगाने की जगह थी तब तक तौल हो रही थी जब जगह समाप्त हो गई तो मजबूरी में यहां भी तौल बंद करनी पड़ी।
इस केंद्र पर जिन किसानों का नंबर आ गया है वह रोजाना क्रय केंद्र के चक्कर काट रहे हैं। क्रय केंद्र के प्रभारी सुभाष चन्द्रा का कहना है कि धान का उठान न हो पाने से खरीदे गए धान को रखने की जगह नहीं बची है, इसलिए मजबूरी में तौल बंद करनी पड़ी है। इस संबंध में उपजिलाधिकारी प्रभाकांत अवस्थी ने बताया कि मिल वालों के साथ जिलाधिकारी बैठक कर चुके हैं जल्द ही समस्या निदान कराकर तौल शुरू कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।