सोमवार दोपहर तेज हवा चलने के साथ हुई बारिश व कई जगह ओले गिरने से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। तेज हवा चलने से गेहूं की फसल तो जमीन में लेट गई जबकि बारिश से सरसों की फसल को भारी नुकसान हुआ है।
ओले गिरने से भी फसलों को नुकसान हुआ है। कृषि विज्ञानियों की मानें तो जहां बारिश के साथ ओले पड़े हैं वहां सरसों की फसल को 40 फीसदी तक नुकसान होगा। अन्य फसलों को भी भारी क्षति होगी। इससे किसान परेशान हैं।
पिछली दो फसलों में मौसम की मार झेल चुके किसानों की मुसीबत इस बार भी कम नहीं हुई है। किसानों को इस बार अच्छी फसल की उम्मीद थी। फसल भी अच्छी रही। गेहूं की फसल में अच्छी बाली आई तो सरसों की फसल भी अच्छी रही।
मगर सोमवार शाम तेज हवा चलने के साथ हुई बारिश व ओले गिरने से किसानों की मुसीबत काफी बढ़ गई है। किसान परेशान हैं। कृषि विज्ञानियों की मानें तो जिन क्षेत्रों में बारिश हुई है या फिर बारिश के साथ ओले भी पड़े हैं, वहां सरसों की फसल को 35-40 फीसदी नुकसान हुआ है।
गेहूं की फसल को अधिकतम 25 फीसदी नुकसान होने का अनुमान है। ये नुकसान तेज हवा चलने से गेहूं की फसल के खेत में गिरने के कारण होगा।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. जेपी सिंह ने बताया कि तेज हवा चलने व बारिश से फसलों को नुकसान होगा। ओले सेे नुकसान का प्रतिशत बढ़ जाएगा। सबसे अधिक नुकसान सरसाें की फसल को होगा। सरसों की फसल पक चुकी है।
कई जगह पर खेतों में ये फसल लगी या फिर किसानों से काटकर खेत में ही डाल दी है। मौसम खराब होने से फसल को करीब 40 फीसदी तक नुकसान होगा। गेहूं की फसल को तेज हवा चलने से सबसे अधिक नुकसान होगा।
जहां पर फसल खेत में लेट गई है वहां पर नुकसान 25 फीसदी तक होगा। इसके अलावा मसूर व चना को भी 25 फीसदी तक नुकसान होगा। अरहर की फसल को भी 10-15 फीसदी तक नुकसान होने का अनुमान है। इसके अलावा तोरई, लौकी, कद्दू आदि सब्जियों को भी नुकसान होगा। बेमौसम बारिश से लगभग सभी फसलाें को नुकसान होगा।