पिछले कुछ दिनों से तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। हल्की धूप और कोहरे का खेल चल रहा है। सोमवार को पूरे दिन कोहरा छाया रहा। दिनभर चली बर्फीली हवाओं के कारण पारा पांच डिग्री गिरकर 14 डिग्री सेल्सियस पर आ गया।
कड़कड़ाती ठंड के कारण लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया। स्कूल और सरकारी दफ्तर बंद होने के कारण जिन्हें बहुत जरूरी था, वही बाहर निकले। कुछ जगहों पर अलाव के पास जमा लोग व राहगीर ठंड से राहत पाने की लगे रहे। शाम होते ही फिर से ठंड बढ़ गई।
सोमवार को पूरे दिन कोहरा छाया रहा। सुबह आठ बजे 10 मीटर से ज्यादा दूर नहीं दिखाई दे रहा था। दिनभर चली बर्फीली हवाओं से पारा पांच डिग्री और गिर गया। सोमवार को अधिकतम तापमान 19 से गिरकर 14 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। तेज ठंड के कारण आम जनजीवन बेहाल रहा।
सुबह पटरी दुकानदारों ने आसपास की लकड़ियां जुटाकर अलावा जलाकर राहत पाने की कोशिश की। शाम को भी ठंड से बचने के लिए पटरी दुकानदाराें ने यही किया। भीषण ठंड होने के बाद भी अभी तक प्रशासन व नगर पालिका प्रशासन ने अलाव जलवाने की व्यवस्था नहीं की गई है।
इससे रात या भोर में आने-जाने वाले राहगीरों को खासी परेशानी उठानी पड़ी। टिकैतनगर, रामसहनेही घाट, सूरतगंज पर जबरदस्त कोहरे और ठंड के कारण जनजीवन अस्तव्यस्त रहा। लोग गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आ रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में दिनभर लोग अलाव के पास ही बैठे रहे।
सोमवार को स्कूलों और सरकारी दफ्तरों में बारावफात की छुट्टी होने के कारण सड़क पर बहुत कम लोग निकले। बस अड्डे पर यात्री ठिठुरते हुए वाहनों का इंतजार करते रहे। वहीं, जिला प्रशासन की ओर से अभी तक राहत के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। भोर में घना कोहरा होने से वाहन रेंगते हुए चले। बाजार में भी देर से रौनक लौटी।