नहर में पानी छोड़े जाते ही क्षतिग्रस्त पटरियों के बार-बार कटने से किसानों की बोई फसल बर्बाद हो रही है। तीन दिन पूर्व बहरौली रजबहा की पटरी कटने से सैकड़ों बीघा फसल बर्बाद हुई थी। बांधने के तीसरे दिन ही रजबहा दोबारा कट गया, जिससे फिर करीब 80 बीघा फसल जलमग्न हो गई है।
बीते बृहस्पतिवार की रात को बहरौली रजबहा की पटरी गौरिया पुरवा गांव के पास बह गई थी। इसमेें किसानों की करीब पचास बीघा गेंहू, मटर व आलू की फसल नहर का पानी सिल्ट भरने से चौपट हो हुई थी।
रविवार शाम यही रजबहा गौरिया गांव के थोड़ी दूर पर तीसरे दिन ही कट गई। जिससे ननकऊ, रामेश्वर, रामकिशोर, प्रेमलाल, भारत लाल, अहमद, मालिकदीन, कौशल, जगजीवन आदि किसानों की करीब 80 बीघा फसल जलमग्नहो गई।
किसानों का कहना है कि रजबहा की सफाई मानक के अनुरूप न होने से पटरियां काफी कमजोर हो गई हैं। किसानों ने बताया है कि इस रजबहा से तीन माइनर निकली है, जिसमें से खानपुर माइनर का साइफशन पुआल से पटा पड़ा है।
इससे पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। विभाग द्वारा खानपुर माइनर के साइफन की सफाई न कराने का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। जिस स्थान पर कटान हुई है वहां पर उदयराज सिंह का खेत है। उदय राज सिंह ने बताया कि उसके पास मात्र 15 बिस्वा जमीन है, जिस पर गेहूं बोया था। कटान बांधने के लिए आई जेसीबी से पूरा खेत बर्बाद हो गया।