बाराबंकी। ऑटो पार्ट्स व मोबिल ऑयल गोदाम में आग बुझाने के दौरान दोपहर करीब 12:15 बजे पानी ही खत्म हो गया। तीनों दमकल गाड़ियों के टैंक खाली हो चुके थे। सामने धधकता गोदाम था और पीछे बेबस फायरकर्मी। ऐसे में काबू में आती दिख रही आग अचानक फिर विकराल हो उठी।
गोदाम की ऊपरी मंजिल से उठती लपटें बढ़ने लगीं और धुएं का गुबार बड़ा होता गया। इससे लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आसपास भी ऑटो पार्टस की दुकानें हैं, दहशत के मारे दुकानदार अपना सामान समेटकर दुकान खाली करने में लग गए।
लोगों ने कहा, दमकल के पास तो पानी ही नहीं...
इस दौरान लोगों ने कहा, अगर किसी घर में आग लग जाए तो क्या होगा? दमकल के पास पानी ही नहीं है...। इस दौरान पुलिस और कुछ लोगों के बीच तीखी नोकझोंक व गाली-गालौज हाेने लगी। करीब आधे घंटे आग जलती रही। हालात कुछ यूं बिगड़ गए कि लोगों ने खुद जान जोखिम में डालकर गोदाम के नीचे दुकान का शटर खोल दिया और सामान बाहर निकालना शुरू कर दिया।
पुलिस रोकती रही लेकिन आक्रोशित लोग नहीं माने। कुछ न सूझते देख पास में ही नाला देख आननफानन में दो पंप मंगाए गए और पाइप नाले में डाले गए लेकिन यह जुगाड़ भी नाकाम साबित हुआ। हर गुजरते मिनट के साथ आग और विकराल होती जा रही थी। इसी बीच राहत बनकर रामसनेहीघाट समेत अन्य स्थानों से तीन और दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं।
अतिरिक्त पानी मिलने के बाद फिर मोर्चा संभाला गया और छत पर चढ़कर फायरकर्मियों ने गोदाम की दीवार तोड़ी। कड़ी मशक्कत के बाद आग को नीचे तक फैलने से रोक लिया गया। इससे गोदाम के निचले हिस्से में रखा काफी सामान बचाया जा सका।