बाराबंकी। नेपाल के बैराजों से 5.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने और लगातार हो रही बारिश से सरयू उफना गई हैं। बृहस्पतिवार को नदी खतरे के निशान 106.070 मीटर को पार कर 106.150 सेंटीमीटर पर पहुंच गई है। नदी की धाराएं अब गांवों की ओर बढ़ने लगी हैं। रामसनेहीघाट और सिरौली गौसपुर तहसील क्षेत्र के कई गांवों में आबादी व सड़कों के पास पानी घुस गया है। लोग घर-गृहस्थी का सामान लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं। कुछ ग्रामीणों ने तटबंधों पर झोपड़ियां डालकर डेरा जमाना शुरू कर दिया है। करीब 50 गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
सरयू का जलस्तर पिछले तीन दिनों से लगातार बढ़ रहा है। बुधवार रात नदी ने खतरे के निशान को पार किया। जलस्तर बढ़ने के साथ नदी कई धाराओं में बंटकर आसपास के गांवों की ओर फैलने लगी। रामसनेहीघाट तहसील क्षेत्र के खजुरी, जलालपुर, गुनौली और ढेमा सहित कई गांव पानी से घिर गए हैं। इन गांवों तक पहुंचने के रास्ते भी प्रभावित हुए हैं।
सिरौली गौसपुर क्षेत्र के गोबरहा और टेपरा गांव के निचले हिस्सों में पानी भरने लगा है। सनावा और टेपरा के पास कटान तेज हो गई है। नदी की धार खेतों को निगल रही है। ग्रामीणों के सामने फसल और जमीन बचाने का संकट खड़ा हो गया है। कहारनपुरवा, मनीरामपुरवा, बीहड़, सिरौलीगुंग, कोठीडीहा, परसा, सरदहा, तेलवारी, बघौली पुरवा और माझा रायपुर सहित करीब 25 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
रामनगर तहसील क्षेत्र में भी सरयू का अतिरिक्त पानी हेमतापुर क्षेत्र में फैलने लगा है। सुंदरनगर के आसपास पानी भर गया है। ललपुरवा, बेलहारी, भलाईपुर, बाबापुरवा, क्योलीपुरवा, कोड़री, सरसंडा, बबुरी गांवों की ओर पानी बढ़ने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। हेतमपुर-सूरतगंज मार्ग के दोनों ओर पानी भर गया है। कई जगह खेत जलमग्न हो चुके हैं और सड़क पर भी खतरा मंडरा रहा है। सुंदरनगर गांव पानी से घिर गया है। ग्रामीण रामकुमार, रामू ने बताया कि गांव में पानी बढ़ने के बाद लोगों ने तटबंध पर झोपड़ियां बनाना शुरू कर दिया है।
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नाव से गांवों में पहुंचे एडीएम
नदी के लाल निशान को पार करने के बाद प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। एडीएम प्रशासन निरंकार सिंह ने रामसनेहीघाट के एसडीएम बृजेंद्र उपाध्याय के साथ गनौली, कोयलावर और जलालपुर गांवों का भ्रमण किया। नदी कई धाराओं में फैलने से कुछ गांव पानी के बीच घिर गए हैं। एडीएम नाव से गांवों तक पहुंचे और ग्रामीणों से स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने बाढ़ से बचाव की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत शिविरों में पेयजल, भोजन, दवाओं और नावों की पर्याप्त व्यवस्था रहे।
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आज से बंटेगी राहत सामग्री की किट
बाढ़ की स्थिति में ग्रामीणों के तटबंध या अन्य सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने के बाद प्रशासन की ओर से लंच पैकेट उपलब्ध कराए जाते हैं। इससे पहले प्रभावित परिवारों को जरूरी सामग्री की किट दी जाती है। इसमें अनाज, दाल, माचिस सहित रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुएं शामिल होती हैं। एडीएम ने बताया कि शुक्रवार से प्रभावित परिवारों को किट का वितरण शुरू किया जाएगा।
नेपाल के बैराजों से 5.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने और लगातार हो रही बारिश से सरयू उफना गई हैं
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नेपाल के बैराजों से 5.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने और लगातार हो रही बारिश से सरयू उफना गई हैं
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