कोटवाधाम (बाराबंकी)। सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के बाद शुक्रवार को थम गया। हालांकि नदी की तलहटी में बसे गांव के लोगों की दुश्वारियां कम होने का नाम नही ले रही हैं। नदी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों का पलायन जारी है। शुक्रवार सुबह सरयू का जलस्तर 105.346 मीटर रिकाॅर्ड किया गया, जबकि शाम को 105.211 रिकाॅर्ड हुआ। खतरे का निशान 106.070 मीटर है।
दो दिनों से सरयू चेतावनी बिंदु के ऊपर बह रही है। इससे नदी के किनारे बसे करीब तीन दर्जन गांवों में बाढ़ का संकट मंडरा रहा था। नेपाल से पानी छोड़े जाने व पहाड़ों पर बरसात के कारण नदी लाल निशान छूने को बेताब थी। शुक्रवार को जलस्तर थमने के बाद कटान का खतरा पैदा हो गया है। नदी किनारे बसे रेता, तेलवारी, विहड़ गांव के लोग अभी भी पलायन कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंच रहे हैं। जो परिवार तटबंध या इसके अलग स्थानों पर आकर रुक गए, उन्हें प्रशासन अभी तक तिरपाल उपलब्ध नहीं करा पाया है।
रेता गांव से आए राजकुमार, बरसाती, नरेश, रामरती, मनीषा आदि ने बताया कि गांव के चारो तरफ पानी भर गया है। वहीं नदी किनारे बसे भैरवकोल, तेलवारी, गोबरहा और कहारनपुरवा गांव के पास कटान तेज होने की संभावना है। वहीं, सूरतगंज की बीडीओ प्रीति वर्मा व पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीआर पाटिल ने हेमतापुर के पास बंधे का निरीक्षण किया।
एसडीएम सिरौलीगौसपुर विश्वमित्र सिंह ने बताया कि जलस्तर घट-बढ़ रहा है, मगर अभी बाढ़ जैसे कोई हालात नहीं हैं। निचले हिस्से में खेती किसानी करने वाले लोग पलायन कर बाहर आ रहे हैं।