बाराबंकी। जिले में इस बार बारिश कम होने से सिंघाड़े की खेती करने वाले किसान परेशान हैं। ज्यादातर तालाब कम बारिश की वजह से भरे नहीं हैं, ऐसे में तालाब में लगाई गई सिंघाड़े की फसल पनपने से पहले ही सूख रही है। किसान बताते हैं कि दशहरा तक बाजार में खूब सिंघाड़ा दिखता था पर इस बार ऐसा नहीं है।
जिन गांवों में तालाब में पानी भरने के लिए नहर है, वहां तो किसी तरह सिंघाड़े की फसल तैयार हो रही है। जिन गांवों में पानी भरने का साधन नहीं है वहां फसल सूख रही है। सिद्धौर ब्लॉक के बीबीपुर गांव के किनारे स्थित बड़े तालाब में पानी कम होने से 80 प्रतिशत फसल सूख गई है। किसान कल्लू ने बताया कि दो बार पंपिंग सेट से पानी भरा हालांकि बारिश न होने के कारण उसका कोई फायदा नहीं हुआ। इसी तरह हरख ब्लॉक के बरेहटा गांव में खरेताल, सड़गड़ा ताल, छुलीताल व विद्यालय के बगल स्थित ताल में पानी बहुत कम है। इससे सिंघाड़े की फसल बर्बाद हो रही है। हरख ब्लॉक में ही नेवली झील व कमरावा झील में भी पानी न होने से सिंघाड़े की बोआई करने वाले किसान निराश है। किसान रामकुमार कहार, पुत्तू कहार व सहारे ने बताया कि इस बार फसल की लागत भी नहीं निकलेगी।