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मूल स्वरुप में लौटेगी 400 जमीनें, अवैध निर्माण पर चलेगा बुलडोजर

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बाराबंकी। बंजर, ऊसर व अन्य सार्वजनिक जमीनें जो वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज हुईं उनको पुराने स्वरूप में दर्ज करने के आदेश से तहसीलों में हड़कंप मच गया है। इसी के साथ इन जमीनों पर कब्जा जमाए बैठे लोगों में खलबली मच गई है। अधिकारियों के अनुसार, जिले में 400 से अधिक जमीनें ऐसी हैं जो वर्ष 1989 में वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज हो गई थीं। पूरे एक माह तक इसका परीक्षण किया जाएगा। रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। इन पर अवैध निर्माण मिला तो बुलडोजर भी चलेगा।
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दरअसल, सात अप्रैल 1989 को तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने आदेश जारी किया था कि बंजर, ऊसर, भीटा आदि जैसी सरकारी जमीनों का प्रयोग अगर कब्रिस्तान, मस्जिद, ईदगाह आदि के रूप में किया जा रहा हो तो उसे वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज कर लिया जाय। इस 33 साल पुराने आदेश को रद्द करते हुए सरकार ने वक्फ के रूप में दर्ज की गईं ऐसी जमीनों को फिर से पुुराने स्वरूप में दर्ज करने का आदेश दिया है।
इसके लिए एक माह का समय डीएम को दिया है।
जिले में करीब 4363 वक्फ संपत्तियां हैं। अधिकारियों की मानें तो ऐसी 400 जमीनें हैं जो 1989 में वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज हुई थीं। नया आदेश आने के बाद अब तहसीलों में इन जमीनों के रिकॉर्ड खंगालने का काम शुुरू कर दिया गया है। वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज किए गए बंजर, ऊसर आदि जमीनों पर अवैध कब्जे पाए गए तो ढहाये जाएंगे। एक अधिकारी के अनुसार, एक माह के परीक्षण के बाद अवैध कब्जा या निर्माण पाया गया तो बुलडोजर चलना तय है।
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जिले में 4363 वक्फ संपत्तियां रिकॉर्ड में दर्ज हैं। करीब 10 प्रतिशत जमीनें ऐसा हो सकती हैं जो 1989 के आदेश के बाद वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज की गईं थीं। इसको लेकर उप जिलाधिकारियों द्वारा अपने-अपने तहसील में परीक्षण किया जाएगा।
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-बालेंदु द्विवेदी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी
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