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Barabanki News: 108 हेक्टेयर सरकारी जमीन पर मिला वक्फ का कब्जा

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- सर्वे व सत्यापन के बाद खुलासा, ग्राम समाज की जमीनों पर वक्फ का दावा- दूर होनी है विसंगति, 20 को संयुक्त संसदीय समिति के समक्ष पेश होगी रिपोर्ट
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अमर उजाला विशेष
केपी तिवारी
बाराबंकी। जिले में 108 हेक्टेयर सरकारी जमीन पर वक्फ का कब्जा मिला है। सर्वे के बाद सभी तहसीलों से आई रिपोर्ट डीएम ने शासन को भेजा है। 20 जनवरी को संयुक्त संसदीय समिति के समक्ष पूरा ब्योरा पेश किया जाएगा। हैरत वाली बात यह है कि 805 जमीनें खतौनी में ग्राम समाज आदि के नाम दर्ज हैं, लेकिन वक्फ इन्हें अपनी संपत्ति बता रहा है। सबसे अधिक 285 जमीनें रामसनेहीघाट तहसील में तो सबसे कम 11 जमीनें सिरौलीगौसपुर तहसील में हैं। कहीं मजार कहीं कब्रिस्तान तो कहीं कुछ है।
दरअसल, वक्फ (संशोधन) विधेयक पर विचार करने के लिए 31 सदस्यीय संयुक्त संसदीय समिति बनाई गई है। यह समिति प्रदेश में वक्फ व सरकारी संपत्तियों की जांच कर संसद को रिपोर्ट सौंपेगी। इसके आधार पर नया कानून बनेगा और संपत्तियों का स्वामित्व तय होगा। लखनऊ में 20 व 21 जनवरी को समिति की बैठक होगी। वक्फ ने अपनी संपत्तियों का लेखाजोखा वामसी पोर्टल पर रखा है। इस पोर्टल में बाराबंकी जिले में आठ हजार से अधिक वक्फ संपत्तियां हैं। वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए प्रशासन ने तहसीलवार लेखपालों की ड्यूटी लगाकर सर्वे और सत्यापन कराया। इसमें 108 हेक्टेयर क्षेत्रफल की 805 सरकारी जमीनें ऐसी मिलीं, जो खतौनी में ग्राम समाज की संपत्ति के रूप में दर्ज हैं, लेकिन वक्फ इनको अपनी बता रहा है। (संवाद)
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तहसीलवार कब्जे की स्थिति

तहसील जमीनों की संख्या क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
नबाबगंज 76 9.5
रामनगर 34 5.5
रामसनेहीघाट 285 49
सिरौलीगौसपुर 76 2.5
हैदरगढ़ 68 15.4
फतेहपुर 338 26

वर्जन-
जो निर्णय होगा उसका पालन कराएंगे
पोर्टल पर वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज 108 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाली 805 जमीनें सत्यापन में सरकारी पाई गई हैं। इनकी रिपोर्ट शासन भेजी जा रही है। शासन इसे संयुक्त संसदीय समिति के समक्ष प्रस्तुत करेगा। जैसा निर्णय होगा उसका पालन कराया जाएगा।
- सत्येंद्र कुमार, जिलाधिकारी
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