सिद्धौर। विकासखंड क्षेत्र की कई ग्राम पंचायतों में विधवा और वृद्धावस्था पेंशन के लाभार्थियों को आवेदन किए करीब डेढ़ वर्ष बीतने के बावजूद पेंशन की धनराशि नहीं मिली है। इससे बुजुर्गों और निराश्रित महिलाओं को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
पेंशन पोर्टल पर उम्र सत्यापन के लिए नए नियम लागू किए गए हैं। इसके तहत शिक्षित आवेदकों को उम्र प्रमाणित करने के लिए अंकपत्र, जबकि अशिक्षित आवेदकों को परिवार रजिस्टर की नकल जमा करनी होगी। पहले आवेदन कर चुके लाभार्थियों के लिए उम्र संबंधी अभिलेख पोर्टल पर अपलोड करने का स्पष्ट विकल्प नहीं होने से समस्या बढ़ गई है।
गांवों में प्रभारी प्रशासकों और अन्य जनप्रतिनिधियों के पास रोजाना लाभार्थी पेंशन शुरू होने की जानकारी लेने पहुंच रहे हैं। कई लोग एक साल से, जबकि कुछ करीब डेढ़ वर्ष से पेंशन का इंतजार कर रहे हैं। अचकामऊ निवासी विधवा सुशीला, जग प्रसाद, गुड्डी, शीला देवी और वृद्धावस्था पेंशन लाभार्थी लक्ष्मी प्रसाद ने बताया कि आवेदन के बाद जल्द पेंशन शुरू होने की उम्मीद थी, लेकिन लंबे समय बाद भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
विधायक को सौंपी गई शिकायत
अचकामऊ के प्रभारी प्रशासक संजय वर्मा ने हैदरगढ़ विधायक दिनेश रावत से शिकायत की कि पुराने पेंशन आवेदनों में दस्तावेज अपलोड और जन्मतिथि सत्यापन के संबंध में जिला समाज कल्याण विभाग से स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं मिले हैं। इससे लाभार्थी परेशान हैं। विधायक ने अधिकारियों से बात कर जल्द समस्या के समाधान का आश्वासन दिया।