गणपति बप्पा की मूर्ति तैयार करता कलाकार।
- फोटो : गणपति बप्पा की मूर्ति तैयार करता कलाकार।
कोटवाधाम। भगवान की भी महिमा अपरंपार है। इनकी मूर्तियां बनाकर रंग भरकर बेचने से किसी का परिवार पतला है तो कोई इन मूर्तियों को विभिन्न स्वरूपों में पालनहार मानकर पूजता है। देवों में प्रथम पूज्य गणपति बप्पा की मूर्तियां गणेश चतुर्थी के त्योहार के लिए लोधपुरवा गांव के पास कोलकाता के हस्तशिल्पी मिथुन तैयार कर रहे हैं। कई मूर्तियों के आर्डर इनके पास हैं। इसलिए ये दिन-रात काम में जुटे हुए हैं।
मूर्तियों को अंतिम रूप देते मिले मिथुन ने बताया कि वह 20 साल पहले बाराबंकी आए थे। तब से यहीं पर रहकर मूर्तियां बनाते हैं। साल भर में दो बार नवरात्र के समय मूर्तियां खूब बिकती हैं। इसके अलावा गणेश चतुर्थी पर भी अच्छा काम होता है। गणेश जी की मूर्तियां हर धार्मिक उत्सव बिकती हैं। उन्होंने बताया कि इस समय श्रीगणेश की सामान्य कद की मूर्ति चार से पांच हजार रुपये में बिक जाती है। मूर्ति बनाने में करीब दो हजार रुपये का खर्च आता है। कई अन्य प्रशिक्षु हस्तशिल्पियों को भी काम मिलता है। गणेश चतुर्थी के बाद अक्तूबर में शारदीय नवरात्र के लिए मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की मूर्तियों का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।