गणेशपुर (बाराबंकी)। बहराइच जिले की सीमा से जुड़े रामनगर इलाके में सरयू की तराई में सोमवार को भेड़ियाें के आने के शोर से हड़कंप रहा। इस दौरान भेड़िये के इलाके में विचरण करने का वीडियो वायरल भी तेजी से वायरल होने लगा। ग्रामीण इसे गणेशपुर व सरयू नदी के किनारे स्थित गांवों का बता रहे हैं। अमर उजाला वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। हालांकि डीएफओ ने जांच के बाद इलाके में भेड़िया होने की चर्चा को सिरे से खारिज कर दिया। उनका कहना था कि वायरल वीडियो बाराबंकी नहीं बहराइच के किसी गांव का है।
सोमवार सुबह रामनगर क्षेत्र में सरयू नदी के किनारे बसे गणेशपुर गांव के आसपास तीन भेड़ियों के आने की चर्चा इलाके में तेजी से फैलने लगी। बताया गया कि खेत की रखवाली कर रहे एक ग्रामीण ने झोपड़ी से छिपकर इलाके में घूम रहे इन भेड़ियों का वीडियो बनाया। गणेशपुर व लोहटीजई के कई ग्रामीणों ने बताया कि भेड़िया किसान नारायण गुप्ता के खेतों के पास घूमता हुआ साफ दिखाई दे रहा है। पड़ोस के रेलीबाजार गांव के अमित कुमार ने बताया कि उसने तीन भेड़ियों को नदी पार कर गणेशपुर तटबंध की ओर आते देखा है। चरवाहों ने बताया भेड़िये धोबीघाट पर देखे गए हैं। पूर्व में उसी क्षेत्र में भेड़ियों और सियारों की मांद थी।
दोपहर में वन क्षेत्राधिकारी शहजादे इस्लामुद्दीन ने कहा कि वायरल वीडियो में भेड़िये की पुष्टि हुई है। यह पता लगने के बाद वन विभाग हरकत में आया। डीएफओ आकाश बधावन ने बताया कि तीन टीमों ने गणेशपुर, लोहटीजई, धोबीघाट, रेलीबाजार के आसपास का पूरा इलाका छान मारा। लेकिन कही कोई भेड़िया अथवा अन्य जंगली जानवर नहीं मिला। जांच में वायरल वीडियो बहराइच जिले का प्रतीत हो रहा है।
कोतवाली देवा के सालेहनगर के मजरे बगिया में तीन बार मवेशियों पर हमला कर चुके जंगली जानवर को पकड़ने के लिए वन विभाग ने फंदे का जाल (खाभड़) लगाया है। वन क्षेत्राधिकारी मयंक सिंह ने कहा कि सियार शेड्यूल-वन का जीव है। इसलिए इसे मारने से बचना है। पिंजड़ा लगाने के लिए शासन से अनुमति लेना आवश्यक है। इससे पहले खाभड़ लगाकर उसे जाल में फंसाने की कोशिश की जा रही है।
बताया कि जिस जगह पर जानवर की आवाजाही अधिक है। उस जगह पर खाभड़ लगाया गया है। इस गांव में बीते 13 दिन में जंगली जानवर एक बकरी को मारने के साथ दो अन्य पर हमला कर चुका है।