बाराबंकी। कोडीनयुक्त कफ सिरप बेचने वाले थोक दवा विक्रेता का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। गिरफ्तार आरोपी को मंगलवार को जेल भेज दिया है। यह सिरप किसे बेची गई थी, इसकी जांच की जा रही है।
औषधि निरीक्षक रजिया बानो ने बताया कि शासन के आदेश पर कोडीनयुक्त कफ सिरप की जांच का अभियान चलाया गया था। मुंशीगंज स्थित लखन मार्केट में अरविंद सिंह की अर्चना फार्मा के नाम से थोक दवा की दुकान है।जांच में पाया गया कि अरविंद सिंह ने गाजियाबाद स्थित एक कंपनी से करीब 14 लाख रुपये की 8000 बोतल कफ सिरप खरीदी थी। सबसे बड़ी अनियमितता यह थी कि यह सिरप किसे बेची गई, इसका कोई रिकॉर्ड अरविंद सिंह के पास उपलब्ध नहीं मिला। इस पर उसके खिलाफ शहर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
मंगलवार को जांच रिपोर्ट के आधार पर आयुक्त औषधि, अयोध्या मंडल ने अर्चना फार्मा का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया। साथ ही, गाजियाबाद की जिस कंपनी से कोडीनयुक्त कफ सिरप की खरीद की गई थी, उसे भी नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया गया है। डीआई ने बताया कि अभी कई मेडिकल स्टोरों की जांच की जा रही है।