फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Barabanki News: जहां पशु चिकित्सालय वहां भी नहीं हुआ टीकाकरण

Fri, 14 Aug 2026 01:04 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
विज्ञापन
विज्ञापन
बाराबंकी। ग्रामीण इलाकों में बेजुबानों की सेहत सुधारने के लिए सरकार हर साल लाखों रुपये का बजट जारी करती है, लेकिन धरातल पर योजनाएं पूरी तरह बेमानी नजर आती हैं। जिन गांवों में पशु चिकित्सालयों का संचालन हो रहा है, वहां भी टीकाकरण की रस्म अदायगी पूरे अभियान पर सवाल खड़े कर रही है। ज्यादातर पशु अस्पताल स्टाफ व संसाधनों की भारी कमी से जूझ रहे हैं।
विज्ञापन

इसके चलते कागजों में तो अप्रैल से अब तक करीब ढाई लाख पशुओं के टीकाकरण का दावा किया जा रहा है लेकिन पिछले एक वर्ष का ओपीडी ब्योरा तक विभाग के पास उपलब्ध नहीं है। हालात यह है कि डॉक्टर की गैरमौजूदगी में झोलाछाप पशुओं को टीका लगा रहे हैं। जिले में कुल 37 पशु चिकित्सालय स्वीकृत हैं। इनमें डॉक्टरों के छह पद खाली पड़े हैं। स्टाफ की कमी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पशुधन प्रसार अधिकारी के स्वीकृत 66 पदों में से मात्र 46, वेटेनेरी फार्मासिस्ट के 36 पदों में से नौ कर्मचारी ही कार्य कर रहे हैं।
पूरे जिले में आपातकालीन सेवा के लिए आठ 1962 एंबुलेंस (मोबाइल वेटनरी यूनिट) उपलब्ध हैं, लेकिन इनकी पहुंच बेहद सीमित है। फतेहपुर के चिकित्सक के भरोसे ही भगौली और देवा सहित तीनअस्पतालों की जिम्मेदारी है। जहांगीराबाद के हेतमपुर सेंटर में तैनात डॉ. संजीव चौधरी के न होने से इलाज का पूरा जिम्मा कटरा निवासी राजू नाम के एक निजी युवक ने संभाल रखा है।
विज्ञापन

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनोद कुमार यादव ने बताया कि जिले को मिले बजट से दवाओं की पर्याप्त खरीद कर ली गई है और अस्पतालों में दवा की कोई कमी नहीं है। खाली पदों के बावजूद टीकाकरण और आपातकालीन सेवाएं संचालित की जा रही हैं। रोस्टर और उपस्थिति को लेकर औचक निरीक्षण किए जाएंगे ताकि व्यवस्था में सुधार हो सके।
बदोसराय में 10 साल से भवन पर ताला
सिरौलीगौसपुर तहसील के बदोसराय स्थित पशु सेवा केंद्र की तस्वीर बेहद चिंताजनक है। यह केंद्र पिछले 10 वर्षों से बंद पड़ा है, जिससे भवन जर्जर हो चुका है और परिसर में बड़ी-बड़ी घास उग आई है। वहीं हैदरगढ़ के फतेहगंज राजकीय पशु चिकित्सालय में डॉ. अमित कुमार गौतम की कुर्सी खाली मिली। कर्मचारियों ने बताया कि वह गोशाला विजिट पर गए हैं।
टीकाकरण छोड़ भैंसा पकड़ने पहुंचे डॉक्टर
सिरौलीगौसपुर के मसूदपुर और जगदीशपुर गांव में टीकाकरण रोस्टर के दौरान जब पैरावेट हड़ताल पर थे, तो पशु चिकित्सा अधिकारी गया प्रसाद खुद टीकाकरण कर रहे थे। इसी बीच मोबाइल पर सूचना मिलते ही वह टीम को वहीं छोड़कर थानाडीह गांव में उत्पाद मचा रहे भैंसे को पकड़ने चले गए। भिटौरा, घरकुनिया और दतौलीचंदा जैसे क्षेत्रों में पशुओं की गंभीर बीमारियों की दवाएं बाहर से लिखी जाती मिली।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें