बाराबंकी। कोरोना टीकाकरण को लेकर बूथों पर मारामारी मची है लेकिन स्वास्थ्य विभाग पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। इसकी वजह से रोजाना सैकड़ों लोगों को निराश होकर वापस लौटना पड़ रहा है। विभाग को प्रतिदिन 35 हजार डोज की आवश्यकता है जबकि इसके सापेक्ष महज आठ हजार डोज शुक्रवार को मिलने से बूथों पर एक बार फिर दोपहर बाद वैक्सीन खत्म हो गई। इससे लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे लोगों को बिना टीका लगवाए ही वापस लौटना पड़ा।
स्वास्थ्य विभाग की माने तो क्लस्टर अभियान के तहत उसे प्रतिदिन कम से कम 35 हजार डोज की आवश्यकता है। लेकिन जितनी कोरोना वैक्सीन की जरूरत है उतनी नहीं मिल पाने की वजह से क्लस्टर अभियान सिर्फ पांच ब्लॉकों तक सीमित होकर रह गया है।
इस तरह से जिले में कुछ 120 बूथों के जरिए लोगों को कोरोना के टीके लगाए जा रहे हैं। शुक्रवार को विभाग के पास महज आठ हजार डोज उपलब्ध थी जिन्हें बूथों पर भेज दिया गया था लेकिन दोपहर बाद बूथों पर वैक्सीन फिर खत्म हो गई। इससे यहां पर घंटों लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे लोगों को निराश होकर बिना टीका लगवाए ही वापस लौटना पड़ा।
वैक्सीन खत्म होने की वजह से लोगों को दूसरी डोज भी नहीं लग पा रही है। जब लोग दूसरी डोज लगवाने के लिए बूथों पर पहुंचते हैं तब तक ज्यादातर बूथों पर वैक्सीन खत्म हो जा रही है। क्योंकि टीका लगवाने के लिए पहले की अपेक्षा अब बूथों पर लोगों की काफी ज्यादा भीड़ लग रही है।
हमें प्रतिदिन जितनी डोज की जरूरत है उतनी नहीं मिल पा रही है। जितनी डोज मिलती है, उसी से काम चलाया जा रहा है। लेकिन यह संकट ज्यादा दिनों तक रहने वाला नहीं है। इसके लिए प्रयास जारी हैं और उम्मीद है कि बहुत जल्द हमें आवश्यकता के अनुरूप वैक्सीन मिलने लगेगी।
-डॉ. बीकेएस चौहान, सीएमओ