बाराबंकी। पहले लोग टीका लगवाने के लिए आगे नहीं आ रहे थे अब जब लोगों ने आगे आना शुरू किया तो वैक्सीन ही खत्म हो गई। बुधवार को पूरे दिन वैक्सीन न होने की वजह से किसी भी बूथ पर एक भी टीका नहीं लगाया जा सका। जिससे टीकाकरण के लिए आए लोग इधर-उधर भटकते रहे। यहां तक लोगों को दूसरी डोज तक नहीं लग पाई। वहीं एक जुलाई से जिले भर में चलने वाले क्लस्टर अभियान पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं और यह निर्धारित समय पर शुरू हो पाएगा इस पर संशय बना हुआ है।
जिले में चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान पर वैक्सीन की कमी भारी पड़ने लगी है। पिछले दो दिन से वैक्सीन की कमी का संकट बुधवार को और गहरा गया जब जिले के सभी 17 केंद्रों पर वैक्सीन न होने की वजह से टीकाकरण का कार्य पूरी तरह से बंद रहा है। जिससे यहां पर टीका लगवाने के लिए आए लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा।
जिला अस्पताल में टीका लगवाने वाले लखपेड़ाबाग निवासी विमलेश ने बताया कि पहले लोग टीका लगवाने से कतरा रहे थे और अब जब लोग आगे आए हैं तो विभाग वैक्सीन की व्यवस्था नहीं कर पा रहा है। वहीं दूसरी डोज लगवाने के लिए लक्ष्मणपुरी निवासी देवेंद्र को भी वैक्सीन न होने की वजह से निराश लौटना पड़ा।
ये चंद नाम तो बानगी भर हैं। ऐसे सैकड़ों लोग हैं जो कोरोना का टीका लगवाने के लिए बूथों पर पहुंचे तो उन्हें वैक्सीन न होने की बात कहकर वापस कर दिया गया। इससे लोग पूरा दिन एक बूथ से दूसरे बूथ तक भटकते रहे पर इन्हें टीका नहीं लग सका।
सीएमओ डॉ. बीकेएस चौहान ने बताया कि वैक्सीन न होने की वजह से बुधवार को जिले में किसी भी बूथ पर लोगों को टीके नहीं लगाए जा सके। देरशाम तक कुछ वायल जरूर प्राप्त हुए हैं जो पर्याप्त नहीं है। वहीं वृहस्पतिवार से जिले में शुरू होने वाले क्लस्टर अभियान को भी वैक्सीन की कमी की वजह से आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
जानकारी मिलते ही बूथ पर लग गई लाइन
रामसेवक यादव बूथ पर टीकाकरण की प्रक्रिया शुरू की गई लेकिन इसकी जानकारी जैसे ही लोगों को हुई भारी संख्या में लोग टीका लगवाने के लिए बूथ पर पहुंच गए। काफी ज्यादा भीड़ हो जाने की वजह से स्थिति बिगड़ने लगी और लोग पहले टीका लगवाने के लिए मारामारी करने लगे। यह देख अधिकारियों को तत्काल टीकाकरण का कार्य बंद करा देना पड़ा।