जैदपुर (बाराबंकी)। कोविड से बचाव को लेकर गांवों में टीकाकरण के लिए कैंप लगाए जा रहे है। मगर, लक्ष्य के अनुरूप टीकाकरण नहीं हो रहा है। इसमें ग्राम प्रधानों के रुचि न लेने की बात सामने आई। ऐसे में प्रधानों पर महामारी अधिनियम के तहत कार्रवाई करने की सिफारिश खंड विकास अधिकारी ने डीएम व सीडीओ का पत्र भेजकर की है। उन्होंने अधिकारियों को लापरवाह प्रधानों की सूची भेजी है।
कोरोना के संक्रमण से बचाव को लेकर हर किसी को टीका लगे। इसको लेकर सरकार निशुल्क वैक्सीन के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में कैंप लगा रही है। हरख ब्लाक में 76 ग्राम पंचायतें हैं, इनमें कुछ पंचायतों के ग्राम प्रधानों पर कोविड-19 टीकाकरण के कैंप में सहयोग करने के बजाए ग्रामीणों को गुमराह करने की बात सामने आई। जिसमें ग्राम पंचायत मिर्जापुर व मोहम्मदपुर जैसी कई पंचायतें है।
मगर प्रधानों का सहयोग न मिलने से ग्राम पंचायतों में टीकाकरण का लक्ष्य पूरा नहीं हो पा रहा है। इसके लिए बीडीओ हरख ने ऐसे प्रधानों की सूची भेजने के अलावा, उन पर महामारी अधिनियम के तहत कार्रवाई करने की मांग जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी से की है। ऐसे में अगर कार्रवाई हुई तो इन पंचायतों की प्रधानी पर संकट आना तय हैं।
ब्लॉक की मिर्जापुर व मोहम्मदपुर जैसी कई पंचायतों के ग्राम प्रधान वैक्सीन के कैंप में सहयोग करने के बजाए लोगों को गुमराह कर रहे है। इसकी सूचना मिली। जिसकी जांच कराई गई तो शिकायत सही पाई गई। ऐसे में महामारी अधिनियम के तहत ऐसे प्रधानों पर कार्रवाई को लेकर डीएम व सीडीओ को पत्र भेजा गया है।
- विनोद कुमार यादव, बीडीओ हरख।
प्रधान ने टीका लगवाने से किया इंकार
त्रिवेदीगंज। क्षेत्र की ग्राम पंचायत कर्मेमऊ के प्रधान वासुदेव पर आरोप है कि उन्होंने बुखार का बहाना बताकर न तो खुद को टीका लगवाया और न ही अपने परिवार में किसी सदस्य को टीका लगाने दिया। कोरोना टीका लगाने पहुंची टीम से सभी को बुखार होने की बात कह वापस लौटा दिया। टीम ने इसकी जानकारी सीएचसी अधीक्षक को दी। सीएचसी अधीक्षक डॉ. महमूद खां ने बताया कि प्रधान के खिलाफ कार्रवाई के लिए पूरी रिपोर्ट बनाकर खंड विकास अधिकारी को भेजी जाएगी। (संवाद)