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रामनगर की तरह जिले के कई गांवों में जाकर लगाए गए कोरोना के टीके

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बाराबंकी। कोरोना का टीका लगाने में अकेले रामनगर के सैदनपुर में ही नहीं बल्कि जिले के और कई गांवों में जाकर टीकाकरण किया गया है। 17 मार्च को लक्ष्य पूरा करने के लिए मौखिक आदेश पर मानकों की धज्जियां ही नहीं उड़ाई गईं बल्कि कोरोना जैसी महामारी से निपटने के लिए तैयार वैक्सीन पर भी सवालिया निशान लगाने की बड़ी चूक कर दी गई।
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रामनगर के सीएचसी अधीक्षक व एएनएम पर कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग के आला अफसर इस मामले में चुप्पी साधकर बैठ गए हैं। मगर इस मामले में मनमानी की हकीकत 17 मार्च को कराए गए टीकाकरण में लाभार्थियों से बात करने पर साफ पता चली।
जिले की रामनगर सीएचसी के सैदनपुर गांव में एएनएम द्वारा 22 लोगों को कोरोना का टीका लगाए जाने का खुलासा होने के बाद हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने आननफानन मेें रामनगर के सीएचसी अधीक्षक को हटाकर संविदा एएनएम की सेवा समाप्ति की संस्तुति कर दी है। दो दिन से गठित जांच कमेटी सैदनपुर और सीएचसी में जांच में जुटी है। माना जा रहा है कि इस लापरवाही और मनमानी के लिए और कड़ी कार्रवाई हो सकती है।
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इसी बीच विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गांव में जाकर टीकाकरण का कार्य सिर्फ रामनगर के सैदनपुर ही नहीं, बल्कि जिले के दर्जनों गांवों में जाकर एएनएम ने कोरोना का टीका लोगों को लगाया है। कई जगह तो प्रभारी डॉक्टरों और एएनएम के बीच मोबाइल पर टीकाकरण प्रगति की जानकारी ली गई।
इतना ही नहीं, पांच दिन बाद मामला खुलने पर डीएम की सख्ती पर सीएमओ ने कार्रवाई की तो सभी अपने-अपने क्षेत्र में मामले को दबाने में जुुट गए। कुछ कर्मचारियों ने कम टीकाकरण होने पर लक्ष्य पूरा करने के लिए ऐसा करने की बात भी दबी जुबान स्वीकार की है। जिन्होंने गांव में टीकाकरण कराया है वह इसकी पुष्टि पूछने पर करते हैं। इससे साफ है कि ईमानदारी के साथ 17 मार्च को हुुए टीकाकरण की निष्पक्ष जांच हो तो रामनगर की तरह कई और की गर्दन नपनी तय है।
टीम ने सीएमओ को सौंपी जांच
सीएचसी रामनगर के सैदनपुर गांव में एएनएम द्वारा गांव जाकर लोगों को टीका लगाए जाने का मामला प्रकाश में आने के बाद सीएमओ द्वारा दो एसीएमओ डॉ. डीके श्रीवास्तव और डॉ. राजीव सिंह की टीम बुधवार को ग्रामीणों का बयान दर्ज करने के लिए गांव पहुंची। टीम ने गांव में मौजूद सुभाष और रामचंद्र से पूछा कि क्या उन्हें कोरोना का टीका लगा है। उसने कहा कि हां लगा है लेकिन यदि किसी ने गांव में आकर हम लोगों को टीके लगा दिए तो इसमें गलती क्या है।
इसी प्रकार सावित्री, बाबूलाल ने बताया कि हम लोग तो अपनी बात कह सकते हैं। टीका लगने पर यदि कोई दिक्कत होती है तो डॉक्टर को बता सकते हैं। टीम ने अपनी जांच रिपोर्ट सीएमओ को सौंप दी है। सीएमओ डॉ. बीकेएस चौहान ने बताया कि रामनगर मामले की जांच रिपोर्ट टीम ने सौंप दी है। रिपोर्ट को अग्रिम कार्रवाई के लिए डीएम को भेज दिया गया है। जो आदेश प्राप्त होगा, उस आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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