रामनगर थाना क्षेत्र के कटियारा गांव में सोमवार को संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटके मिले युवक के शव के मामले में मंगलवार को जमकर बवाल हुआ। हत्या की रिपोर्ट दर्ज करने और आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजनों व ग्रामीणों ने बाराबंकी-बहराइच नेशनल हाईवे पर शव रखकर जाम लगा दिया।
पुलिस ने प्रदर्शन समाप्त कराने का प्रयास किया तो भीड़ ने पथराव कर दिया। इसमें रामनगर के कोतवाल अरुण प्रताप सिंह सहित छह पुलिसकर्मी घायल हो गए। इस दौरान हाईवे पर दो किलोमीटर तक जाम लग गया। करीब तीन घंटे बाद आवागमन बहाल हुआ।
कटियारा निवासी कीढ़ी चौहान के सबसे छोटे बेटे जितेंद्र (20) का शव सोमवार दोपहर घर के कमरे में पंखे के हुक से साड़ी के फंदे से लटका मिला था। परिजनों का आरोप है कि कुछ लोगों ने गांव की ही युवती से प्रेम संबंध के शक में जितेंद्र की हत्या कर शव को फंदे से लटका दिया। पुलिस कार्रवाई करने के बजाय उन्हें बचाने में लगी है।
मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचते ही परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा। सैकड़ों ग्रामीणों के साथ उन्होंने बाराबंकी-बहराइच हाईवे पर शव रखकर आवागमन ठप कर दिया। प्रदर्शनकारी हत्या का मामला दर्ज करने और नामजद आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने काफी देर तक समझाने का प्रयास किया लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
स्थिति तनावपूर्ण होने पर मसौली, बदोसराय, टिकैतनगर, मोहम्मदपुर खाला सहित आसपास के कई थानों की पुलिस बुला ली गई। पुलिस ने सड़क खाली कराने की कोशिश की तो भीड़ की ओर से अचानक पथराव शुरू हो गया, जिसमें कोतवाल अरुण प्रताप सिंह, वरिष्ठ उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार यादव, कांस्टेबल मानवेन्द्र, शिवमोहन और जयश्याम सहित छह पुलिसकर्मी घायल हो गए। घायलों को सीएचसी भेजा गया। सिर में चोट के कारण कोतवाल को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
हालात बिगड़ते देख मौके पर एसपी अर्पित विजयवर्गीय भी पहुंच गए। एएसपी विकास चंद्र त्रिपाठी, एसडीएम आनंद कुमार त्रिपाठी ने परिजनों से वार्ता कर निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का भरोसा दिया। करीब एक घंटे बाद परिजन मान गए और शव लेकर अंतिम संस्कार को गए। इसके बाद हाईवे पर यातायात सामान्य हो सका।