बाराबंकी।उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित होने वाली वर्ष 2027 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं की शुचिता, गुणवत्ता और नकल विहीन परीक्षा संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। डीएम ईशान प्रताप सिंह ने जिले के सभी 328 राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त और वित्तविहीन मान्यता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं और भौगोलिक स्थिति के सत्यापन के लिए तहसीलवार समितियों का गठन किया है।
नवाबगंज, फतेहपुर, हैदरगढ़, रामनगर, सिरौलीगौसपुर और रामसनेहीघाट तहसीलों में संबंधित एसडीएम की अध्यक्षता में समितियां बनाई गई हैं। इन समितियों में लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता, संबंधित तहसीलदार और राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य को सदस्य नामित किया गया है।
तहसील स्तरीय समिति विद्यालय परिसर से विशिष्ट अनुप्रयोग (एपीआई) युक्त मोबाइल एप के माध्यम से सही स्थिति दर्ज करेगी। इसके साथ ही, सीसीटीवी,वॉयस रिकॉर्डर, डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (30 दिन की रिकॉर्डिंग क्षमता), राउटर, तीव्र गति इंटरनेट, अग्निशमन यंत्र और पेयजल व शौचालय जैसी व्यवस्थाओं की गहन जांच करेगी। प्रश्नपत्रों के सुरक्षित रख-रखाव के लिएस्ट्रांग रूम में चार लोहे की डबल लॉक अलमारियों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी। सभी समितियों को अपनी जांच आख्या तीन अगस्त 2026 तक अनिवार्य रूप से सौंपने का निर्देश दिया गया है।
वर्जन
बोर्ड परीक्षा 2027 को पारदर्शी एवं नकल विहीन कराने के लिए परीक्षा केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया संचालित की जा रही है। तहसील स्तरीय समितियों द्वारा तीन अगस्त तक भौतिक सत्यापन की रिपोर्ट मिलने के बाद 10 अगस्त तक सभी आंकड़े परिषद की वेबसाइट पर ऑनलाइन अपलोड कर दिए जाएंगे।
-अमिता सिंह, डीआईओएस