यूपी बोर्ड परीक्षा भारी अव्यवस्थाओं के बीच बृहस्पतिवार को शुरू हुई। हालांकि दोनों पालियों में एक भी नकलची नहीं पकड़ा जा सका। हाईस्कूल में 37874 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी जबकि 3765 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। इंटरमीडिएट में कुल 87 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी जबकि 41 अनुपस्थित रहे। पहले दिन ही कई परीक्षा केंद्रों पर कक्ष निरीक्षकों की कमी बनी रही। कई केेंद्रों पर केंद्र व्यवस्थापकों ने इसकी शिकायत डीआईओएस कार्यालय में दर्ज कराई। कुल 865 कक्ष निरीक्षक गैरहाजिर रहे। जीआईसी व जीजीआईसी, सिटी इंटर कॉलेज में भी कक्ष निरीक्षकों का टोटा रहा। इस पर केंद्र व्यवस्थापकों ने खंड शिक्षाधिकारियों से बात कर अन्य कक्ष निरीक्षकों की डिमांड कर समस्या का समाधान किया। इस संबंध में जिविनि रामशरण सिंह ने बताया कि कई विद्यालयों में कक्ष निरीक्षकों की समस्या रही। जिसे खंड शिक्षाधिकारियों से बात कर इसका समाधान कराया गया।
पहली पाली में हाईस्कूल की परीक्षा के लिए भोर से ही केंद्रों के बाहर परीक्षार्थियों की भीड़ लगनी शुरू हो गई। परीक्षा का पहला दिन होने के चलते लगभग सभी केंद्रों को अव्यवस्थाओं से जूझना पड़ा। केंद्रों के बाहर चस्पा रोल नंबर व कक्ष संख्या जानने के लिए परीक्षार्थियों की भीड़ रही। बनाए गए सभी सचल दलों के हाथ खाली रहे। कुल128 केंद्रों परीक्षा हुई। पहले दिन पहली पाली में हाईस्कूल में हिंदी व सामान्य हिंदी और दूसरी पाली में इंटरमीडिएट की सैन्य विज्ञान प्रथम प्रश्नपत्र की परीक्षा थी।
पहली पाली की परीक्षा सुबह साढे़ सात बजे से होनी थी। इसके लिए भोर साढ़े छह बजे से केंद्रों पर परीक्षार्थी पहुंचना शुरू हो गए। केंद्रों पर आधा घंटे में ही सैकड़ों परीक्षार्थी पहुंच गए। सुबह करीब सात बजे से परीक्षार्थियों को केंद्रों पर प्रवेश दिया गया। गेट पर ही परीक्षार्थियों की सघन तलाशी ली गई। सुरक्षा के नाम पर केंद्रों पर दो से तीन सिपाही तैनात किए गए। दूसरी पाली में परीक्षार्थियों की भीड़ भी दोपहर पौने एक बजे से केंद्रों पर जमा होने लगी थी।