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Barabanki News: अघोषित बिजली कटौती से मचा कोहराम, सभी परेशान

Sun, 02 Jun 2024 03:56 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
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बाराबंकी। झुलसाने वाली गर्मी में बढ़ी बिजली की मांग पूरी नहीं हो पा रही है। इसके चलते शहरी व ग्रामीण इलाकों में हो रही अघोषित बिजली कटौती से कोहराम मचा है। शहरी क्षेत्रों में जहां पांच से छह तो वहीं ग्रामीण इलाकों में 8 से 10 घंटे तक बिजली गुल रहने से लोग रात को भी चैन से नहीं सो पा रहे हैं। ओवरलोड के चलते बार-बार लाइन फाल्ट होने से सभी परेशान हैं। रामसनेहीघाट में घंटों बिजली गुल रहने से आक्रोशित एक उपभोक्ता ने जेई अमन वर्मा को फोन कर धमकाने के साथ अभद्रता की। जेई की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी तिलक राम के खिलाफ केस दर्ज किया है।
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ट्रांसफार्मर फूंकने व जंपर उड़ने से शुक्रवार रात करीब 250 गांवों में दो से छह घंटे तक बिजली गायब रही। गर्मी के कारण बिजली की मांग 200 एमवीए से बढ़कर 250 से 260 एमबीए तक पहुंच गई है। तपिश कम न होने के कारण बिजली की मांग हर रोज चार से पांच एमवीए बढ़ रही है। मांग के अनुरूप आपूर्ति के कारण लाइनें व ट्रांसफार्मर लोड नहीं उठा पाने के कारण फूंक रहे हैं। मसौली क्षेत्र में शुक्रवार की देरशाम मस्तान नगर के पास बिजली लाइन पर पेड़ की डाल गिरने से बड़ागांव और मसौली कस्बा की बिजली रातभर ठप रही। फतेहपुर क्षेत्र के हसनपुर टांडा, रोजा, सिहाली, गंगोला, गंगोली, गुरसेल, साढ़ेमऊ, इब्राहिमपुर, बुधियापुर समेत 40 गांव में रात में छह घंटे बिजली गुल रही। वहीं निंदूरा क्षेत्र के पिंडसावा, बाबागंज, बाजगहनी, टिकरा, गढ़िया, जमुना, धौरहरा समेत 90 गांव की बिजली आपूर्ति रात में दो घंटे व शनिवार छह घंटे बंद रही।
रामसनेहीघाट डिवीजन के कोटवाधाम के पास अद्रा गांव में 10 केवी ट्रांसफार्मर बीते दिनों जल गया था। फूंक हुए ट्रांसफार्मर को बदलने के लिए नया ट्रांसफार्मर तो दो दिन बाद आ गया लेकिन उसे लगाया नहीं जा सका है। आरोप है कि इसे लगाने के लिए लाइनमैन पैसा मांग रहा है। एसडीओ रामगोपाल ने जांच की बात कही है। हजाराबाग निवासी अनूप वर्मा ने बताया कि बिजली कटौती से पूरी दिनचर्या अस्त-व्यस्त हो गई है। बिजली कटने के बाद अधिकारी फाेन तक नहीं उठाते हैं। वही दशहराबाग निवासी पंकज का कहना है कि बिजली की बार बार आवाजाही से सोना मुहाल हो गया है। दिन में कटौती तो ही रही है रात में घंटों बिजली गुल रहने से पूरा परिवार परेशान होता है। उधर, अधीक्षण अभियंता मनोज सोनकर ने बताया कि बिजली की मांग बढ़ी है। जिले के पांचों डिवीजन के अधिशासी अभियंताओं को निर्देश दिए गए है कि स्वयं जाकर उपकेंद्र का हाल लें। अस्पताल, वृद्धाआश्रम व अन्य जरूरी सेवाओं को बिजली सप्लाई अबाध तौर से दिए जाने पर विशेष नजर रखी जा रही है।
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