बाराबंकी। युद्ध छिड़ने के बाद डाक्टरी की पढ़ाई करने यूक्रेन गए छात्र-छात्राएं खाने पीने तक को तरस रहे हैं। हवाई हमले की दहशत के बीच वहां फंसे बच्चों को अपने दिन मेट्रो स्टेशन व बंकर में गुजारने पड़ रहे हैं। यह आपबीती जिले से डाक्टरी की पढ़ाई करने यूक्रेन गए बच्चों ने अपने परिजनों से बया की है। हमले में फंसे बच्चों का हाल बताने के दौरान उनके अपनों की आंखें भी छलक पड़ी।
एमबीबीएस की पढ़ाई करने यूक्रेन गए बाराबंकी के पांच परिवार संकट के इस पल में अपने बच्चों के साथ युद्ध में फंसे अन्य लोगों की सलामती की दुआ ईश्वर से कर रहे हैं। साथ ही शासन प्रशासन से भी बच्चों को सुरक्षित वतन वापस लाने की गुहार भी लगायी है।
यूक्रेन में फंसे बाराबंकी के पांच एमबीबीएस छात्रों की सूची जारी होने के बाद जिला प्रशासन चुनावी व्यस्तता के बावजूद संट की इस घड़ी में बच्चों के परेशानहाल अभिभावकों को ढांढस बंधाने में जुट गया। प्रशासनिक अफसरों ने पांचों मेडिकल छात्रों के अभिभावकों को फोन कर संकट की घड़ी में परेशान न होने और सरकार द्वारा छात्रों को वापस लाने का भरोसा भी दिलाया। अमर उजाला ने जब एमबीबीएस की पढ़ाई करने वाले छात्रों के परिजनों से बात की तो उनकी आंखें छलक पड़ी।
शहर के मोहल्ला दीनदयाल नगर में रहने वाले प्रज्जवल वर्मा के पिता राज किशोर वर्मा ने बताया कि उनका बेटा यूक्रेन के खारकीव यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस के चतुर्थ वर्ष की पढ़ाई कर रहा है। हालात बिगड़ने के बाद से ही वह मेट्रो स्टेशन पर समय बिता रहा है। खाते में पैसा होने के बाद भी खाने-पीने का बड़ा संकट है।
शहर के देवा रोड रहने वाले राम तीरथ वर्मा का बेटा सुमित वर्मा भी खारकीव नेशनल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस की पांचवें साल की पढ़ाई कर रहा है। भाई संतोष वर्मा ने बताया की पूरा घर परेशान है मेट्रो स्टेशन पर समय बिता रहे भाई को दोनों टाइम खाना तो दूर पानी तक नहीं मिल पा रहा है।
शहर की ही एकता नगर कॉलोनी सत्यप्रेमी नगर के निवासी विपिन कुमार बैसवार का बेटा प्रखर वर्मा वीके कार्जिन नेशनल यूनिवर्सिटी खारकीव में एमबीबीएस चतुर्थ वर्ष का छात्र है। उसकी शिक्षिका मां बातचीत करने पर रोते हुए बोली कि चुनाव में ड्यूटी लगी है पर पूरा ध्यान बेटे में लगा है।
बंकर में रहकर जान बचाए बेटे को सही तरीके से खाना भी नहीं मिल रहा है। रामनगर तहसील के सूरतगंज कस्बा निवासी शिक्षक शकील अहमद का बेटा अनस भी उजरौथ नेशनल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस चतुर्थ वर्ष का छात्र है। उसकी मां नसरीन खान से बात हुई तो रोने लगी। उन्होंने बताया कि पैसा होते हुए भी बेटा कई दिनों से भूखा है।