बाराबंकी। अवैध रूप से आतिशबाजी बनाते समय हुए विस्फोट के मामले में अदालत ने सबूतों के अभाव में आरोपी को दोषमुक्त करार दिया है। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष आरोप साबित नहीं कर सका। अपर सत्र न्यायाधीश असद अहमद हाशमी की कोर्ट में पेश किए गए दोनों गवाह अपने बयान से मुकर गए।
छह दिसंबर 2012 को रामनगर के तत्कालीन थाना प्रभारी अनिरुद्ध कुमार सिंह को लौधौरा गांव में नेजुल ऊर्फ निजामुद्दीन के घर पर विस्फोट होने की सूचना मिली थी। मौके पर मकान में विस्फोट के निशान मिले। दीवारें क्षतिग्रस्त थीं। जांच के दौरान पुलिस को पटाखों में इस्तेमाल होने वाला करीब आधा किलोग्राम पलीता, चार छोटे गैस सिलिंडर व आतिशबाजी बनाने में प्रयुक्त अन्य सामग्री बरामद हुई। वैध लाइसेंस नहीं होने पर पुलिस ने विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया। (संवाद)