बाराबंकी। जिला जेल में बंदियों की बढ़ती संख्या और मूलभूत सुविधाओं की कमी को देखते हुए शासन ने करीब 1.83 करोड़ रुपये की लागत से कई विकास कार्यों को मंजूरी दे दी है। इसके तहत जेल परिसर में पेयजल व्यवस्था मजबूत करने के लिए पंप हाउस, खेती की सिंचाई के लिए अलग पंप हाउस तथा 12 सेप्टिक शौचालय और नालियों का निर्माण कराया जाएगा।
जिला जेल में वर्तमान समय में करीब 1200 बंदी निरुद्ध हैं, जबकि जेल की क्षमता केवल 960 बंदियों की है। क्षमता से अधिक बंदियों के कारण पेयजल, स्वच्छता और अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर अक्सर परेशानी बनी रहती है। इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए जेल प्रशासन ने जेल परिसर का विस्तृत सर्वे कराया था। करीब 10 दिनों तक चले सर्वे के बाद जेल प्रशासन ने कई प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजे थे। इन प्रस्तावों में से शासन ने चार प्रमुख प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है।
अधिकारियों के अनुसार जेल में पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एक पंप हाउस की स्थापना की जाएगी। इसमें ट्यूबवेल भी लगाया जाएगा, जिससे जेल परिसर में पानी की आपूर्ति सुचारु हो सके। इस कार्य के लिए 51 लाख 51 हजार रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इसके अलावा जेल परिसर में करीब 13 एकड़ क्षेत्र में होने वाली खेती की सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अलग से पंप हाउस और ट्यूबवेल की स्थापना कराई जाएगी। इस परियोजना पर 58 लाख 14 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे।
जेल में स्वच्छता व्यवस्था को सुधारने के लिए 12 सेप्टिक शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा, जिस पर 42 लाख 26 हजार रुपये खर्च होंगे। वहीं गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए नालियों के निर्माण पर 32 लाख रुपये अलग से खर्च किए जाएंगे।
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वर्जन-
इन कार्यों के पूरा होने से जेल परिसर में पेयजल, स्वच्छता और सिंचाई व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा। साथ ही बंदियों को भी मूलभूत सुविधाएं बेहतर तरीके से उपलब्ध हो सकेंगी।
- कुंदन कुमार, जेल अधीक्षक