बाराबंकी। जिले में बच्चों की अपार आईडी (अकादमिक परमानेंट अकाउंट रेपॉजिटरी) बनाने की प्रक्रिया अब भी अधूरी है। अब तक केवल 69 फीसदी छात्रों की आईडी बन सकी है। केंद्र सरकार ने गर्मी की छुट्टियों को देखते हुए पोर्टल अस्थायी रूप से बंद कर दिया है, जिससे पूरा अभियान फिलहाल थम गया है। जबकि दो लाख से अधिक छात्रों की आईडी बनना अभी बाकी है।
बाराबंकी के सभी प्रकार के स्कूलों में प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक में 6,48,403 बच्चों का नामांकन है। बीते चार महीने से अपार आईडी बनाने का अभियान चला। स्कूलों को मान्यता रद्द करने की नोटिसें दी गई। भारी कोशिश के बाद भी अब तक 447196 अपार आईडी ही बन पाई हैं। यानी 201207 बच्चों की आईडी बनना शेष है। माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले 341 स्कूलों में पढ़ने वाले 84868 बच्चों की तो 267 मदरसों में पढ़ने वाले 10298 छात्र-छात्राएं भी इस प्रक्रिया से वंचित हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अब पोर्टल के दोबारा संचालित होने पर ही पंजीयन का कार्य शुरु होगा।
अपार आईडी से मिलनी हैं अपार सुविधा
प्री प्राइमरी से कक्षा 12 तक के छात्र-छात्राओं को एक विशिष्ट नंबर मिलता है। इसमें छात्र की मार्कशीट, डिग्री, प्रमाणपत्र आदि सुरक्षित रहते हैं, यह आईडी डिजिलॉकर और अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट से जुड़ी होती है। अपार आईडी से छात्रों को नौकरी, प्रवेश, छात्रवृत्ति आदि में सुविधा मिलती है।
वर्जन
भारत सरकार पोर्टल को अपडेट कर रही है, इसलिए फिलहाल आईडी जेनरेट करने की प्रक्रिया स्थगित है। पोर्टल दोबारा सक्रिय होगा तो आईडी बनाने का कार्य पुन: शुरु होगा। इस संबंध में निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।
- संतोष देव पांडेय, बीएसए