बाराबंकी। लोक निर्माण विभाग के मंत्री जितिन प्रसाद द्वारा बीते शनिवार को जिले में समीक्षा बैठक कर सड़कों का हाल देखने के बाद आखिरकार अफसरों पर गाज गिरनी शुरू हो गई। सर्वोच्च प्राथमिकता के काम में लापरवाही बरतने पर दो जूनियर इंजीनियर निलंबित कर दिए गए। जबकि अधिशासी अभियंता समेत तीन अफसरों पर भी कार्रवाई हो सकती है। इससे मंगलवार को विभाग में खलबली मची रही।
लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद ने बीते शनिवार को जिले में 15 नवम्बर तक सड़कों के गड्ढे भरने के अभियान की समीक्षा की थी। शहर की एक सड़क का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने देवा से चिनहट मार्ग के नवीनीकरण का निरीक्षण किया था। इस दौरान मंत्री को सड़क की मरम्मत में मानकों का मखौल उड़ता मिला था। घटिया निर्माण सामग्री के प्रयोग के साथ ही कार्य में लेटलतीफी पाई गई थी। इसी को लेकर मंत्री नाराज हुए थे। मामले में जांच बैठा दी गई थी।
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के ही अनुसार, मंगलवार को देवा-चिनहट मार्ग पर तैनात जूनियर इंजीनियर कुलदीप यादव व सनी सिंह यादव को निलंबित कर दिया गया। जबकि लोक निर्माण विभाग सीडी तीन के अधिशासी अभियंता राजीव कुमार राय, सहायक अभियंता नरेंद्र कुमार व शशिकांत यादव को भी लापरवाही का दोषी माना गया है। इनके खिलाफ भी शासन से जल्द ही कार्रवाई हो सकती है। इसे लेकर मंगलवार को जिले में लोक निर्माण विभाग के तीनों खंड में खलबली मची रही।
बैठक के दौरान ही चढ़ा था मंत्री का पारा
डीआरडीए सभागार में सड़कों को लेकर समीक्षा करने आए मंत्री जितिन प्रसाद का बैठक के दौरान ही पारा चढ़ गया था। दरअसल, मंत्री जब बैठक के लिए सभागार में पहुंचे तो वहां कोई अधिकारी मौजूद नहीं था। कुछ देर वे अकेले ही बैठे रहे।