दरियाबाद क्षेत्र के ग्राम नूरपुर के पास शारदा सहायक नहर की पटरी करीब 15 मीटर पटरी कटने से लगभग 200 बीघे फसल जलमग्न हो गई। पानी का बहाव तेज होने से आसपास के खेतोें में पानी भर गया।
ग्रामीणों के सूचना के तीन घंटे बाद पहुंचे सिंचाई विभाग के अधिकारियों नेे कार्य शुरू कराया और बहाव रोकने के लिए दोनों ओर से जेसीबी मशीनों को लगाकर कटान स्थल पर बालू की बोरियां डलवाई। लेकिन उसके बाद भी पानी का बहाव जारी था।
शनिवार की सुबह शारदा सहायक नहर खंड-25 पर सुबह छह बजे नूरपुर गांव के सामने नहर के दक्षिण ओर रिसाव शुरू हुआ था। देखते ही देखते नहर की 15 मीटर पटरी कट गयी। जिससे आसपास के गांव नूरपुर, पोडरा, अवषेरगढ के खेतो में पानी तालाब की तरह भर गया।
जिससे किसानों हरिश्चन्द्र, मेवालाल, लल्लू, राधेलाल, जगेसर, मुनीम, सुकई, कालिका, रामलखन, बिपत, रेखा, बुधई, फूलमता आदि की मेंथा, गन्ना, व सब्जी की फसल जलमग्न हो गयी। पानी का बहाव इतना तेज था कि देखते ही देखते फसलें डूब गयीं।
भयभीत ग्रामीणों ने सुबह ही प्रशासनिक अधिकारियों को इसकी सूचना दे दी थी लेकिन तीन घंटे तक मौके पर कोई नहीं पहुंचा। दस बजे मौके पर पहुंचे सिचाई विभाग के कर्मचारियो ने कार्य शुरू कराया। यहां पर ग्रामीणों ने बोरियों में बालू भरकर कटान स्थल पर डलवाया।
लेकिन उसके बाद भी बहाव की तेज धारा नहीं रुकी। काफी देर बाद पहुंचे सिचाई विभाग के अधिकारियों ने अनुरक्षण की कमान संभाली। अधिशासी अभियंता बीपी सिंह मौके पर पहुुंचे। देर शाम तक बहाव को नहीं रोका जा सका।
बहाव को रोकने के लिए कटान स्थल पर बल्लियां गाड़कर उनके बीच में बोरियों को भर पानी को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। दोपहर को मौके पर पहुंचे तहसीलदार रामसनेहीघाट मनोज कुमार ने मौके की स्थिति देखी और बहाव रोकने के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए।
उन्होंनेे बताया कि जिन ग्रामीणों की फसल का नहर की पटरी कटने से जिन किसानों की फसलों को नुकसान होगा। उनकी रिपोर्ट तैयार करने के लिए लेखपालो को सूची बनाने के लिए कहा गया है। रिपोर्ट मिलने पर किसानों को हरसंभव सहायता उपलब्ध करायी जाएगी।