बाराबंकी। शहर इलाके में स्थित एक कोविड अस्पताल में शर्मनाक हरकत सामने आई है। यहां भर्ती मरीजों की मौत के बाद कर्मचारी उनके मोबाइल फोन चोरी कर लेते थे। इस मामले की जानकारी पर पुलिस ने अस्पताल के दो कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज कर उनको गिरफ्तार किया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
एसपी यमुना प्रसाद ने बताया कि मंदार पुराणिक निवासी विनीत खंड थाना गोमतीनगर लखनऊ ने शहर कोतवाली पुलिस को सूचना दिया कि उन्होंने अपनी पत्नी को कोविड-19 के इलाज के लिए मेयो हास्पिटल में बीते 13 अप्रैल को भर्ती कराया था। जहां इलाज के दौरान 24 अप्रैल को उनकी मृत्यु हो गयी और मेयो हास्पिटल से प्राप्त उनके सामान से उनका मोबाइल फोन नहीं मिला।
इसी तरह बीते 22 अप्रैल को लखनऊ निवासिनी एक महिला द्वारा ई-एफआईआर के माध्यम से सूचना दी गयी कि बीते 14 अप्रैल को अपने पति को कोविड-19 के इलाज के लिए मेयो हास्पिटल बाराबंकी में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान 17 अप्रैल को उनकी मृत्यु हो गयी और मेयो हास्पिटल से प्राप्त उनके सामान में मेरे पति का मोबाइल फोन नहीं मिला। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। एसपी ने बताया कि इस मामले में पुलिस टीम ने जांच कर दो आरोपी रंजना पत्नी कमलेश निवासी विद्यानगर थाना टिकैतनगर व उमेश निवासी पलिया मसूदपुर को गिरफ्तार किया है।
पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों द्वारा बताया गया कि वह मेयो हॉस्पिटल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है। कोविड के आईसीयू वार्ड में भर्ती होने वाले मरीज अपने परिजनों से बात करने के लिए मोबाइल को चार्जिंग पर लगाने के लिए दिये थे जिसको एक व दो बार हम लोगों ने चार्जिंग पर लगा दिया था।
इस बीच मरीज की मृत्यु हो जाने के पश्चात मृतकों का अन्य सामान परिजनों को वापस कर दिया था लेकिन उनका मोबाइल फोन चोरी करके अपने पास रख लिया था और बाद में उसे घर लेकर चले गए। मेयो अस्पताल में कर्मचारियों की इस हरकत की हर कोई निंदा कर रहा है। वहीं जिला प्रशासन से अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जेल भेज दिया है़।