बाराबंकी। कोरोना काल में हुए चालान को खत्म कराने के नाम पर फर्जी पुलिसकर्मी बनकर ठगी करने वाले दो शातिरों को दरियाबाद पुलिस ने गिरफ्तार किया। इसमें एक पूर्व बैंकमित्र तो दूसरा जनसेवा केंद्र का संचालक है। इसका खुलासा रविवार को पुलिस लाइन में एसपी यमुना प्रसाद ने किया।
उन्होंने बताया कि एएसपी दक्षिणी मनोज कुमार पाण्डेय व सीओ रामसनेहीघाट पंकज सिंह के पर्यवेक्षण में दरियाबाद के प्रभारी निरीक्षक सुमित कुमार श्रीवास्तव ने टिकैतनगर थाना क्षेत्र के अमरसंडा निवासी श्यामबाबू व दरियाबाद थाने के मियांगंज निवासी आकाश वर्मा को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए दोनों अभियुक्त लॉकडाउन के दौरान किए गए चालान को समाप्त कराने के नाम पर स्वयं पुलिसकर्मी बनकर मशीन पर अंगूठा लगवाकर जनसेवा केंद्र की आईडी के सहारे खातों से पैसे निकालकर ठगी करते थे।
इनके द्वारा 17 दिसम्बर को मियांगज निवासी मुख्तार अहमद के खाते से 30 हजार, कुशफर निवासी अखिलेश के खाते से पांच हजार तीन सौ रुपये, 21 दिसम्बर को मियागंज के ही गयासुद्दीन के खाते से साढ़े सात हजार रुपये ट्रांसफर कर लिया था। इसके अलावा इनके द्वारा टिकैतनगर व बहराइच में कुछ लोगों से ठगी कर पैसा खाते में ट्रांसफर किया गया है। पुलिस ने उनके कब्जे से एक लैपटॉप, चार मोबाइल फोन, अंगूठा लगाने की मशीन, एटीएम कार्ड स्वाइप मशीन, पुलिस का परिचय पत्र, बाइक व 6850 रुपये बरामद किए।