बाराबंकी। उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद द्वारा संचालित मदरसों में कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षा निरस्त कर दी गई है। यूपी बोर्ड की तर्ज पर ही इन सभी का भी परीक्षाफल तैयार किया जाएगा।
इसमें जिले के मुंशी मौलवी और आलिम (हाईस्कूल व इंटर) के ढाई हजार से अधिक परीक्षार्थी शामिल हैं। मदरसा बोर्ड द्वारा इस संबंध में जारी किए गए आदेश के बाद अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने आगे की कागजी कार्यवाही पूरी करने की तैयारी शुरू कर दी है।
यूपी बोर्ड परीक्षा के बाद मदरसा बोर्ड की परीक्षाएं होती थीं। इस बार जिले के 72 मदरसों में पंजीकृत 3778 छात्रों को परीक्षा देनी थी। इनमें मुंशी मौलवी, आमिल, कामिल और फाजिल के छात्र शामिल थे लेकिन कोविड के चलते मदरसा बोर्ड ने मुंशी मौलवी और आमिल (हाईस्कूल और इंटर) दर्जे की परीक्षाएं निरस्त कर दी हैं। इनमें मुंशी मौलवी के 1952 और आलिम के 551 परीक्षार्थी शामिल हैं।
अब इन दोनों दर्जों के 2503 छात्रों का गाइडलाइन के अनुसार परीक्षाफल तैयार किया जाएगा। वहीं कामिल और फाजिल की परीक्षाएं होंगी या नहीं, इस पर अभी कोई दिशा-निर्देश अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को नहीं मिला है।
इसके अलावा कक्षा एक से आठ (तहतानिया, फौकानिया) तक तथा कक्षा नौ एवं 11 के छात्र-छात्राओं को अगली कक्षा में प्रोन्नति दिए जाने की बात विभागीय अधिकारी कह रहे हैं।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सोनकुमार ने बताया कि मुंशी मौलवी और आमिल की परीक्षाएं मदरसा बोर्ड द्वारा निरस्त कर दी गई हैं। इन दानों दर्जों में जिले के करीब ढाई हजार से अधिक परीक्षार्थियों को शामिल होना था। आगे की जो प्रक्रिया है उसे पूरी की जा रही है।