बाराबंकी। वर्ष 2001 में शहर कोतवाली क्षेत्र के कस्बा बंकी में हुए चर्चित दंपती हत्याकांड में अदालत ने दो आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है।
कस्बा बंकी निवासी जहांगीर अशरफ ने 15 मार्च 2001 को शहर कोतवाली में तहरीर देकर बताया था कि उनके फुफेरे भाई गुलाम उस्मानी और उनकी पत्नी मीना घर में खून से लथपथ मृत अवस्था में पड़े मिले। घर का सामान बिखरा हुआ था, जिससे लूटपाट के बाद हत्या की आशंका जताई गई थी। पुलिस ने इस मामले में हाशिम उर्फ गुड्डू, चांदबाबू और नजमुद्दीन के खिलाफ लूट, हत्या और बाद में गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। लंबी सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) असद अहमद हाशमी की अदालत ने गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर हाशिम उर्फ गुड्डू निवासी लालपुर करौता थाना मोहम्मदपुर खाला तथा नजमुद्दीन निवासी कृष्णानगर, शहर कोतवाली को दोषमुक्त करार दिया। मामले में नामजद एक अन्य आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा है, जिसे अदालत पहले ही भगोड़ा घोषित कर चुकी है।