सैदनपुर (बाराबंकी)। सीएचसी में भर्ती एक प्रसूता ने सोमवार को जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। हालत नाजुक होने पर उन्हें संयुक्त चिकित्सालय की एसएनसीयू में भर्ती कराया गया। परिजनों का आरोप है कि इलाज में लापरवाही बरतने के कारण एक नवजात की मौत हो गई जबकि दूसरा गंभीर है। पीड़ित परिवार ने इसकी शिकायत सीएम पोर्टल पर की है।
सिरौलीगौसपुर आशीष वर्मा की पत्नी मोनी वर्मा को हालत बिगड़ने पर रविवार शाम सीएचसी पर भर्ती कराया गया था। जहां पर एएनएम रेनू साहनी द्वारा प्रसव कराया गया। महिला ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। एएनएम ने बताया कि दोनों बच्चों का वजन कम होने के कारण उन्हें संयुक्त चिकित्सालय में बने एसएनसीयू में रेफर कर दिया गया।
प्रसूता का देवर अर्चित वर्मा दोनों नवजात को लेकर संयुक्त चिकित्सालय पहुंचे। अस्पताल में मौजूद डॉ. संयुक्ता गुप्ता ने दोनों नवजातों को भर्ती कर उनका इलाज शुरू कर दिया। आरोप है कि डॉक्टर ने मात्र दस मिनट बाद ही एक शिशु को बाहर निकाल कर इमरजेंसी में लाकर ऑक्सीजन लगा दी। इस दौरान एक नवजात की मौत हो गई। अस्पताल प्रशासन ने दूसरे नवजात को आनन-फानन में जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
उधर परिजनों ने नवजात के इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए इसकी शिकायत सीएम पोर्टल पर की है। सीएमएस डॉ. एके सिन्हा ने बताया कि जुड़वा बच्चों का वजन कम था लेकिन अन्य गतिविधियां सामान्य थी। मां का दूध पिलाने के लिए नवजात को भेजा गया था। रात करीब 3 बजे बच्चे की मौत हुई। इलाज में किसी भी तरह की कोई लापरवाही नही बरती गई है। फिर भी इसकी जांच कराई जा रही है।