बाराबंकी। जिला अस्पताल में मरीजों की परेशानी खत्म होने का नाम नहीं ले रही। कभी सर्वर की फाल्ट तो कभी परचा बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की खराबी का खामियाजा आए दिन उन्हें भुगतना पड़ रहा है। सोमवार को पंजीकरण कक्ष के एक काउंटर पर कुछ समय बाद कंप्यूटर और प्रिंटर में खराबी आने से परचा बनाने का काम बंद गया। स्थिति को संभालने के लले अस्पताल प्रशासन को उक्त काउंटर पर हाथ से परचा बनवाने का काम कराना पड़ा।
इससे कतार में लगे करीब चार सौ मरीजों का परचा बनवाने के लिए घंटा भर इंतजार करने की परेशानी उठाना पड़ी। फॉल्ट दुरुस्त न हो पाने से 395 मरीजों के परचे हाथ से बनाने पड़े। रविवार के अवकाश के बाद सोमवार को खुली जिला अस्पताल की ओपीडी में शुरू से ही काफी भीड़ दिखी। इस दौरान सुबह नौ बजे से लाइन में लगे रामेश्वर, भगौती, गयादीन, फातिमा, शाहीन आदि ने बताया कि करीब डेढ़ से दो घंटे तक कतार में लगे रहने के बाद जाकर उनका परचा बन सका। सोमवार को ओपीडी में 1,752 मरीजों ने परीक्षण व जांच कराने के लिए अपना पंजीकरण कराया।
पंजीकरण कक्ष में तैनात एक कर्मी ने बताया कि सुबह से कंप्यूटर और प्रिंटर काम करने में दिक्कत कर रहा था। कुछ समय बाद उसने पूरी तरह काम करना बंद कर दिया। जिसके बाद मरीजों को राहत पहुंचाने के लिए हाथ से पर्चे बनाने का काम शुरू किया गया। कर्मी ने बताया कि करीब 395 मरीजों को हाथ से पर्चे बनाकर दिए गए। ओपीडी पहुंचने वालों में बुखार के 476, पेटदर्द के 169, बदनदर्द के 209, त्वचारोग के 455, नेत्र रोग के 197, सर्जरी के 187, आंख नाक कान गला के 85 मरीज देखे गए। चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर राजेश कुशवाहा ने बताया कि एक काउंटर पर कंप्यूटर खराब हो जाने के कारण वहां कतार में लगे मरीजों के परचे ही हाथ से बनवाने पड़े।