बाराबंकी। वन क्षेत्र रामनगर और दरियाबाद कोतवाली क्षेत्र के उदवतनगर गांव स्थित झील में रविवार को बड़े पैमाने पर कछुओं के शिकार का पर्दाफाश हुआ। कछुओं को पकड़ कर उन्हें बोरी में भरा जा रहा था। सुबह यहां बर्डिंग करने पहुंचे पर्यावरण प्रेमियों की सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम को देख 15 से अधिक शिकारी भाग खड़े हुए, जबकि एक को दबोच लिया गया। उसके पास से फ्लैपशेल प्रजाति के आठ कछुए बरामद किए गए। इन्हें सुंदरी कछुआ कहते हैं।
वन विभाग के अनुसार दरियाबाद कोतवाली क्षेत्र के उदवत नगर गांव में स्थित झील में कई प्रकार के जलीय जीव पाए जाते हैं। रविवार को यहां पर्यावरण प्रेमी दो अधिकारी फोटो खींचने के लिए पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने देखा कि कुछ लोग कछुए पकड़कर बोरी में डाल रहे हैं। उन्होंने इसकी सूचना वन विभाग को दी। कुछ देर में रामनगर की रेंजर और वनकर्मी यहां पहुंच गए। टीम के पहुंचते ही शिकारी भाग खड़े हुए। हालांकि, एक व्यक्ति पकड़ लिया गया। उसकी पहचान टिकैतनगर थाना क्षेत्र के सराय नेतामऊ गांव निवासी सिकंदर के रूप में हुई है। वन क्षेत्राधिकारी अल्पना पांडेय ने बताया कि पकड़े गए व्यक्ति सिकंदर ने बताया कि वे लोग कछुआ खाते हैं। पूछताछ में जिन लोगों के नाम आए हैं, उनके खिलाफ भी केस दर्ज किया जा रहा है।
यौन शक्ति बढ़ाने में प्रयोग, 10 हजार रुपये किलो मांस
सुंदरी यानी फ्लैपशेल प्रजाति के कछुओं का मांस पांच से 10 हजार रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेचा जाता है। वन विभाग के सूत्रों का कहना है कि कछुओं को मारकर यौन शक्ति बढ़ाने के लिए एक खास दवा बनाई जाती है। इसकी मांग थाइलैंड, मलयेशिया और बैंकाक समेत कुछ अन्य देशों में ज्यादा है।
वैटलैंड की निगरानी करने के निर्देश
जिले में 400 से अधिक वेटलैंड हैं। सभी वैटलैंड की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों से अपील की जा रही है कि झील या तालाब में शिकार होने की जानकारी पर तत्काल सूचना दें। - आकाशदीप बधावन, डीएफओ