- नकदी वाली फसल की तरफ बढ़ा रुझान, बदली गांव की तस्वीर
कोटवाधाम (बाराबंकी)। मशरूम की खेती ने किसानों की आय बढ़ाने के साथ गांव की तस्वीर भी बदल दी है। पूरा गांव मशरूम की खेती कर अच्छा मुनाफा कमा रहा है। सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र उटवा गांव में करीब दो वर्ष पहले एक-दो किसानों ने मशरूम की खेती की शुरुआत की थी। मशरूम से होने वाली कमाई को देखकर धीरे-धीरे गांव के अन्य किसानों का इस खेती की तरफ रुझान होने लगा। आज गांव के 100 से ज्यादा किसान छोटे और बड़े स्तर पर इसकी खेती कर रहे हैं।
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ऐसे करते हैं शुरुआत
हर किसान फूस की झोपड़ी तैयार कर उसमें मशरूम की खेती कर रहा है। इस खेती के लिए एक क्विंटल गेहूं के भूसे में उर्वरक आदि मिलाकर करीब दो हजार रुपये तक खर्च कर बेस तैयार किया जाता है। हर बेड पर करीब पांच हजार रुपये का मुनाफा होता है। किसान जितने अधिक बेड तैयार करते हैं, उतना ही अधिक पैदावार होती है और आय में भी इजाफा होता है। स्थानीय स्तर पर इसकी कीमत करीब 100 से 120 रुपये प्रति किग्रा है। जबकि अयोध्या, गोरखपुर व लखनऊ में मशरूम का भाव 200 रुपये तक प्रति किग्रा मिल जाता है।
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अयोध्या मंडी में बढ़ी मांग
अयोध्या में राम मंदिर बन जाने के बाद देश भर से श्रद्धालु आ रहे हैं। ऐसे में अयोध्या में मशरूम की मांग बढ़ गई है। व्यापारी गांव आकर मशरूम खरीद रहे हैं। अयोध्या में बीते एक वर्ष में इसकी खपत दोगुनी हो गई है।