बाराबंकी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सैदनपुर में अन्य पीएचसी की तुलना में हर साल सबसे ज्यादा प्रसव कराए जाते हैं। यहां 15 वर्षों से तैनात एएनएम सरला देवी बहुत अच्छे से प्रसव कराती हैं। कभी किसी प्रसूता की हालत बिगड़ती है तो एंबुलेंस मुस्तैद रहती है। इतना ही नहीं, यहां पर मुख्यालय से प्रसूताएं डिलीवरी के लिए आती हैं और फिर खुशी-खुशी वापस जाती हैं। एफआरयू का दर्जा हासिल करने वाले छह अस्पताल भी इस पीएचसी से काफी पीछे हैं।
यह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सीएचसी सिरौलीगौसपुर के अंतर्गत आती है। इस वर्ष अप्रैल से अब तक यहां पर 619 प्रसव हो चुके हैं। यहां पर जितने भी प्रसव हुए हैं, उनमें जच्चा बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ बताए जा रहे है। एएनएम सरला देवी बताती हैं कि उनको इस अस्पताल में करीब 15 साल हो गए हैं और अब तक 25 हजार से अधिक प्रसव कराए जा चुके हैं। वह बताती हैं उनके सहयोग के लिए एक चिकित्सक और एक सहायिका जरूर रहती हैं। आपात स्थिति पर एंबुलेंस मौजूद रहती है। औसतन साल में कम से कम 2000 के आसपास प्रसव हो जाते हैं।
सीएमओ डॉ. रंजन गौतम ने बताया कि जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में अब तक करीब 9118 प्रसव कराए गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा प्रसव पीएचसी सैदनपुर में हुए है। इसलिए अब इस अस्पताल को और बेहतर बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। (संवाद)
कहां पर कितने प्रसव (अप्रैल से पांच अगस्त तक)
अस्पताल का नाम प्रसव की संख्या
पीएचसी सैदनपुर 619
सीएचसी त्रिवेदीगंज 499
सीएचसी फतेहपुर 488
सीएचसी देवा 448
सीएचसी जाटा बरौली 448
सीएचसी टिकैतनगर 427
सीएचसी हैदरगढ़ 390
सीएचसी सूरतगंज 383
सीएचसी सिद्धौर 348
सीएचसी रामनगर 323