बाराबंकी। नशे की हालत में वाहन चलाना सड़क दुर्घटनाओं की सबसे बड़ी वजह मानी जाती है। बावजूद इसके, परिवहन विभाग नशेबाज चालकों पर कार्रवाई करने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है। सिर्फ यातायात पुलिस ने जून में 79 चालान किए हैं। पिछले वर्ष जून में यातायात पुलिस और परिवहन विभाग ने एक भी चालान नहीं किया था।
हाल ही में हुई सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में यातायात पुलिस की सक्रियता की सराहना की गई, जबकि परिवहन विभाग (एआरटीओ प्रवर्तन) की निष्क्रियता पर सवाल उठे। रिपोर्ट के अनुसार, जून 2025 में जिले में ड्रिंक एंड ड्राइव के मामलों में कोई कार्रवाई दर्ज नहीं हुई थी।
जून 2026 में यातायात पुलिस ने अभियान चलाकर नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के चालान किए। अधिकारियों का मानना है कि नशे की हालत में वाहन चलाने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई से सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। बैठक में यह भी सामने आया कि बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले 9,249 लोगों के चालान किए गए।
क्षेत्राधिकारी यातायात ने कहा कि नशे में गाड़ी चलाना सड़क हादसों का सबसे बड़ा कारण है। यातायात पुलिस इसके खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। परिवहन विभाग से भी कहा गया है कि वे संयुक्त चेकिंग कर प्रभावी और कड़ी कार्रवाई करें। एआरटीओ प्रशासन अमिताभ राय ने बताया कि नशे में गाड़ी चलाने वालों पर कार्रवाई के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।