बाराबंकी। शरीफाबाद-सतरिख रोड स्थित पचासी मोड़ के पास 19 जून को हमले में गंभीर रूप से घायल मनेरा गांव के धर्मेंद्र कुमार (36) की मंगलवार को लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो गई। धर्मेंद्र 26 दिन तक अस्पताल में भर्ती रहे। घटना में पहले से जेल भेजे जा चुके आरोपियों पर अब हत्या की धारा बढ़ाई जाएगी। मृतक अपने पीछे पत्नी और दो मासूम बच्चों को छोड़ गए हैं।
पुलिस के अनुसार धर्मेंद्र का भाई गांव के ही सोनू का ट्रैक्टर चलाता था। ट्रैक्टर में तार फंसने के कारण धर्मेंद्र के भाई से सोनू की कहासुनी हुई थी। पुलिस के अनुसार वारदात वाले दिन धर्मेंद्र खाना देने गया था। आरोप है कि इस दौरान सोनू, हरिनाम और एक अन्य ने धर्मेंद्र पर लाठी-डंडों और लोहे की सरिया से हमला कर दिया था।
धर्मेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए थे। परिजन उन्हें पहले सीएचसी ले गए, जहां से हालत नाजुक होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया था। अगले दिन उन्हें लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां 26 दिन तक इलाज चला। मंगलवार देर रात उन्होंने दम तोड़ दिया। धर्मेंद्र छह भाइयों में तीसरे नंबर पर थे। उनका विवाह दो वर्ष पहले हुआ था।
परिवार में पत्नी के अलावा दो छोटे बच्चे हैं, जिनमें छोटा बच्चा महज दो माह का है। सतरिख के एसएचओ डीके सिंह ने बताया कि धर्मेंद्र के पिता सहज राम की तहरीर पर सोनू, हरिनाम व रंजीत को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद हत्या की धारा बढ़ाकर कार्रवाई की जाएगी।