बाराबंकी। गर्मी बढ़ते ही बिजली की मांग भी बढ़ गई है। जरूरत से ज्यादा लोड होने की वजह से ट्रांसफाॅर्मर बार-बार ठप हो रहे हैं। बाराबंकी, रामसनेहीघाट, फतेहपुर, रामनगर व हैदरगढ़ डिवीजन से करीब दो हजार गावों व मजरों मेें बिजली आपूर्ति की जाती है। गर्मी के साथ बिजली की खपत बढ़ रही है। पांच डिवीजन में अप्रैल में 70 मिलियन यूनिट बिजली की खपत थी जो बढ़कर अब 115 मिलियन यूनिट हो गई है। मांग के मुताबिक बिजली न मिलने पर भी रेलवे व इंडस्ट्री को तो निर्बाध बिजली आपूर्ति की जाती है मगर आबादी में कटौती कर दी जा रही है। ट्रांसफाॅर्मर को ओवरलोडिंग से बचाने के लिए बार-बार बिजली कटौती की जा रही है। शहर में ही लखपेड़ाबाग मोहल्ले में मंगलवार रात एक घंटे बिजली गुल रही। बुधवार को बिजली का आना-जाना लगा रहा। कई बार कभी 10 मिनट तो कभी आधे घंटे बिजली गुल रही। शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को गर्मी में निर्बाध बिजली देने के लिए ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि नहीं कराई गई। इसका असर गर्मी बढ़ते ही दिखाई देने लगा है।
120 ट्रांसफाॅर्मर ओवरलोड
बेतहाशा गर्मी और एसी-कूलर चलने के कारण बिजली का उपभोग बढ़ा है। शहर में ही करीब पांच ट्रांसफाॅर्मर ओवरलोड चल रहे हैं। रामसनेहीघाट डिवीजन में 71, हैदरगढ़ डिवीजन में 20, फतेहपुर 16 और रामनगर में आठ ट्रांसफाॅर्मर ओवरलोड चल रहे हैं।
वर्जन-
ट्रांसफार्मर में तेल भरने से लेकर लीड आदि की मरम्मत हो रही है। रीवैंप योजना के तहत ट्रांसफाॅर्मरों की क्षमता बढ़ाने का कार्य कराया जाएगा। ओवरलोडिंग वाली जगहों पर पहले काम होगा।
- मनोज सोनकर, अधीक्षण अभियंता