रायबरेली। गेगासों गंगा नदी पर बने जर्जर पुल की मरम्मत का काम अंतिम चरण में चल रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि अप्रैल 2026 के अंतिम सप्ताह तक पुल से वाहन फर्राटा भर सकेंगे। इसकी मरम्मत में करीब 16 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। पुल जर्जर होने से आवागमन रोका गया है। इससे वाहन चालकों को 20 किमी. का चक्कर काटना पड़ रहा है।
बांदा-बहराइच हाईवे पर छोटे और भारी वाहनों का आवागमन होता है। इससे फतेहपुर, बांदा समेत आसपास जिले के लोग आते-जाते हैं। सरेनी क्षेत्र के गेगासों में बना गंगा पुल जर्जर होने से आठ महीने पहले भारी वाहनों का आवागमन रोक दिया गया है। फतेहपुर की तरफ से जाने वाले वाहनों को अब लालगंज, मुराईबाग होते हुए निकाला जा रहा है। इसके लिए वाहन चालकों को अतिरिक्त 20 किमी चक्कर काटना पड़ रहा है।
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गंगा पुल में बनाए गए 29 एक्सपेंशन जॉइंट बदल दिए गए हैं। इसके अलावा पुल में लगाई गई वेयरिंग भी बदली गईं हैं। सड़क को तोड़कर उसका नवीनीकरण कराया जाएगा। इसके अलावा ग्राउटिंग, जैकेटिंग, कार्बन फाइबर रैप और लैमिनेट समेत अन्य कार्य कराए जा रहे हैं। यह कार्य अप्रैल माह तक पूरे कर लिए जाएंगे।
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अप्रैल के आखिरी सप्ताह से शुरू सकता आवागमन
पुल की मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है। अब तक 70 फीसदी से ज्यादा काम पूरा हो गया है। अप्रैल के अंतिम सप्ताह तक पुल से आवागमन शुरू हो सकता है।
अर्जुन सिंह, डिप्टी मैनेजर, एनएचएआई
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आईटीआई की रिपोर्ट के बाद शुरू होगा आवामन
रायबरेली। शहर के बीच स्थित गल्लामंडी ओवरब्रिज की मरम्मत के बाद लोड टेस्टिंग का काम पूरा हो गया है, लेकिन ओवरब्रिज से अभी आवागमन शुरू नहीं कराया गया है। टेस्टिंग की जांच रिपोर्ट आईटीआई से आनी बाकी है। जहानाबाद चौकी से रतापुर चौराहा जाने वाले मार्ग पर गल्ला मंडी के निकट बना ओवरब्रिज अगस्त 2025 को क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद से ओवरब्रिज से आवागमन बंद करा दिया गया। सेतु निगम की ओर से मरम्मत का काम पूरा करा लिया गया है। इस कार्य में एक करोड़ 35 लाख रुपये खर्च किए गए। बनारस से मनोज कुमार, आरबी सिंह की अगुवाई में आई टीम ने जांच थी। 27 फरवरी को लोड टेस्टिंग का काम पूरा हो चुका है। अब टेस्टिंग रिपोर्ट आईटीआई से आनी बाकी है। अवर अभियंता आशुतोष ने बताया कि अगले सप्ताह तक रिपोर्ट आ सकती है। इसके बाद पहले छोटे वाहनों का आवागमन शुरू कराया जाएगा।