तीन दिन बाद शुरू होने वाले ऐतिहासिक देवा महोत्सव की तैयारियां पूरे चरम पर चल रही हैं। मेला समिति के कर्मचारियों से लेकर जिला प्रशासन के कारिंदे सभी मेले को भव्य रूप देने में जुटे हैं। वहीं मेले में देश के विभिन्न प्रांतों से व्यापारियों, मवेशी (जानवरों) का आना बड़ी तादाद में शुरू हो गया है।
आगामी 17 अक्टूबर को शाम पांच बजे के बाद से विख्यात देवा महोत्सव सज संवर कर अपनी अलौकिक छटा बिखेरने को तैयार हो रहा है। इसके लिए मेले की व्यवस्था से जुड़े जिम्मेदारों ने समय पर तैयारी पूरी करने की खातिर अपनी ताकत लगा दी है। गुरुवार को हॉकी मैदान, आडिटोरियम, दंगल स्थल, वीवीआईपी लाउंज, कृषि प्रदर्शनी, मछली घर, बक्सा वाली गली, चूड़ी वाली गली, चाइनीज फूड कार्नर आदि जगहों पर साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, मरम्मत आदि का काम बड़े पैमाने पर कराया गया।
पानी की टंकी की साफ सफाई, रंग-रोगन का कार्य चल रहा है। मेला सुपरवाइजर इक्तिदार अहमद शक्कू ने बताया कि परिसर का समस्त कार्य 15 अक्टूबर तक हर हाल में डीएम व एडीएम की मंशा के अनुरूप पूर्ण करने पर पूरा फोकस किया गया है।
पशु मंडियां तैयार
देवा महोत्सव में इस बार पशु व्यापारियाें की समस्या के दृष्टिगत डीएम व एडीएम के निर्देश पर पशु मंडियों मेें मेला शुरू के छह दिन पूर्व से ही बिजली, पेयजल व अड्डी (रैम्प) की व्यवस्था शुरू करा दी गई हैं। देवा मेला की पशु मंडियों मेें इस बार अश्व प्रजाति की सेवा से जुड़ी संस्था बुक इंडिया व इंकी सेंचुरी के शिविर लगाए गए हैं। जहां पर देश-विदेश के पशु विशेषज्ञ (डॉक्टर) मेले में आने वाले पशुओं की निशुल्क चिकित्सीय परामर्श व जागरूकता संबंधी जानकारी दे रहे हैं।
अनेक व्यंजनों का मिलेगा लुत्फ
देवा मेला मेें इस बार चाइनीज फूड, जंक फूड व चार प्वाइंट के लिए एक अलग सेक्टर बनाने की योजना है। मेला जेई श्याम बिहारी ने बताया कि ऑडिटोरियम के ठीक सामने स्थित पानी की टंकी के सामने एक कवर्ड एरिया में यह स्टाल लगाएं जाएंगे। ताकि जायरीन टहल-टहल कर विभिन्न व्यंजनों का आनंद ले सकें।
देवा मेला की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। कहीं भी कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। तय समय से पहले काम पूरा हो जाएगा। मेला शानदार होगा। -अजय यादव, जिलाधिकारी